शराब का सेवन करने वालों को भारतीय समाज में अच्छी नजर से नहीं देखा जाता है। लेकिन सरकार के लिए ये महत्वपूर्ण हो जाते हैं। क्योंकि इनसे राज्य सरकार का खजाना खूब भरता है। चूंकि शराब (Alcoholic Beverages) वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे से बाहर है। इसलिए राज्य सरकारें इससे जम कर कमाई करती हैं। आज हम यहां बता रहे हैं भारत के 5 राज्यों के बारे में, जो ‘दारू’ से सबसे ज्यादा कमाई करते हैं।भारत में शराब पर राज्य सरकार एक्साइज ड्यूटी या उत्पाद शुल्क वसूलते हैं। हर राज्य में इस पर एक समान टैक्स नहीं है। इस पर हर राज्य अलग-अलग दर से टैक्स लगाता है। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा संदर्भित स्टेट फाइनेंस के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक कुछ राज्य स्पष्ट रूप से उत्पाद शुल्क वसूलने में आगे हैं। शुल्क की वसूली इस बात पर भी निर्भर करती है कि राज्य में कितने लोग निवास करते हैं, उनमें शराब पीने वालों की संख्या कितनी है, लोग कितनी मात्रा में शराब का सेवन करते हैं और सबसे महत्वपूर्ण कि उस राज्य में में एक्साइज ड्यूटी का रेट कितना है। इन आंकड़ों का स्रोत रिजर्व बैंक और NFHS-5 हैं।शराब बेच कर माल बनाने में आबादी के हिसाब से देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। इस राज्य में आबादी अन्य राज्यों के मुकाबले तो ज्यादा है ही, शराब की दुकानों का नेटवर्क भी बढ़िया है। इसलिए देश के अन्य राज्यों के मुकाबले यूपी में सबसे ज्यादा एक्साइज रेवेन्यू मिलता है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS)-5 के मुताबिक इसका एक्साइज कलेक्शन 31,517,40 करोड़ रुपये रहा है। इस राज्य में 14.6 फीसदी पुरुष और 0.3 फीसदी महिलाएं शराब का सेवन करती हैं।










































