तेल अवीव: साल 2024 में 17-18 सितंबर को इजरायल ने दुनिया को उस वक्त चौंका दिया था, जब उसने लेबनानी गुट हिजबुल्लाह के लड़ाकों के बीपर्स (पेजर) को बमों में बदल दिया था। हिजबुल्लाह को जबरदस्त चोट देने वाले इस ऑपरेशन को इजरायली एजेंसी मोसाद ने अंजाम दिया था। इस ऑपरेशन में एडम फेन एक प्रमुख व्यक्ति थे। फेन ने हिब्रू भाषा में इस ऑपरेशन के बारे में अपनी किताब होदाह गोरालिट (निर्णायक संदेश) कई खुलासे किए हैं।
फेन की किताब और लेबनान में बीपर ऑपरेशन पर इजरायली वेबसाइट यरूसलम पोस्ट ने उनसे बातचीत की है। फेन ने इंटरव्यू में बताया है कि कैसे वह इतने बड़े ऑपरेशन में सफल हुए। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान इस साजिश का पता लगाने के काफी करीब पहुंच गया था लेकिन मोसाद ने किसी तरह स्थिति संभाल ली।किताब के अनुसार, जुलाई 2024 में मोसाद प्रमुख ने एक अहम बैठक की। बैठक में मौजूद मोसाद अधिकारियों ने बताया कि हिजबुल्लाह का एक ऑपरेटिव यह पता लगाने के बहुत करीब पहुंच गया है कि बीपर्स में बम लगे हैं। उन्होंने वायु सेना से अनुरोध किया कि इस ऑपरेशन को बचाने के लिए उस ऑपरेटिव को मार दिया जाए। यह घटना बीपर्स को चालू किए जाने से दो महीने पहले की थी। इजरायली रक्षा और खुफिया अधिकारियों ने हिजबुल्लाह के उस ऑपरेटिव को झांसा देकर दक्षिणी लेबनान जाने के लिए राजी किया और उसे मार दिया।










































