केरल के बाद अमेरिकी F-35B जेट ने फ‍िर कटाई नाक, 2 महीने से छोटे से द्वीप पर फंसा, पहली ही उड़ान में फेल

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लंदन: अमेरिका अपने F-35 को दुनिया के सबसे ताकतवर पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर के रूप में प्रचारित करता रहा है, लेकिन ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स के लिए यह लड़ाकू विमान बार-बार बेइज्जती की वजह बन गया है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने इसी साल मार्च में घोषणा की थी कि उसे लॉकही़ड मार्टिन से कॉन्ट्रैक्ट के तहत सभी 48 F-35B फाइटर की डिलीवरी मिल गई है। दिलचस्प बात है कि इनमें दो विमान आज तक ब्रिटेन नहीं पहुंचे हैं।

ब्रिटिश रॉयल एयरफोर्स के ये दो F-35B लड़ाकू विमान अपनी पहली डिलीवरी उड़ान के दौरान तकनीकी खरीबी आने के बाद अटलांटिक के अजोरेस द्वीप पर दो महीने से खड़े हैं। 48 विमानों की डिलीवरी के आखिरी बैच के दो विमानों ने टेक्सास के फोर्ट वर्थ स्थित फैक्टरी से उड़ान भरी थी, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते अजोरेस को लॉजेस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी।केरल में हुई थी आपातकालीन लैंडिंग

अभी तक उस तकनीकी खराबी के बारे में जानकारी नहीं पता चली है, जिसके चलते ये दोनों जेट फंसे हुए हैं। लेकिन यह इस जेट के साथ इकलौता मामला नहीं है। इसके एक साल पहले यह विमान अचानक सुर्खियों में आजा था, जब 14 जून 2025 को इसने केरल के तिरुवनंतपुरम में आपातकालीन लैंडिंग की थी। यह विमान एक रूटीन उड़ान पर था और HMS प्रिंस ऑफ वेल्स पर वापसी कर रहा था जब इसे आपातकालीन लैंडिंग के लिए मजबूर होना पड़ा।

महीने भर तक खड़ा रहा था विमान

इसके बाद एक महीने से ज्यादा समय तक विमान की समस्या सुलझाई नहीं जा सकी और यह वहीं खड़ा रहा। एक समय तो ऐसी खबरें भी आईं कि अगर समस्या ठीक न हो पाई तो इस ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके ले जाया जाएगा। हालांकि, मरम्मत के बाद 22 जुलाई को विमान ने केरल से उड़ान भरी। केरल में लंबे समय तक रुकने के चलते F-35 का दुनिया भर में मजाक उड़ा और इस पर मीम्स की बाढ़ आई।

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