सावन में 100 साल की सास के लिए तीन बहुएं बनीं ‘श्रवण कुमार’, सिर रखकर 40 किमी पैदल चलीं, पूरी की कांवड़ यात्रा की इच्छा

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Daughter In Laws Became Shravan Kumar: सावन के पवित्र महीने में विदिशा की तीन बहुएं अपनी सास के लिए श्रवण कुमार बनी हैं। तीनों ने मिलकर 100 साल की सास की 40 किमी लंबी कांवड़ यात्रा कराई है। साल को टब में बिठाकर उसे सिर पर रखकर पैदल चल रहे थे।विदिशा: सावन का महीना चल रहा है। कांवड़ यात्रा में शिव भक्तों की अटूट आस्था है। सावन के महीने में मध्य प्रदेश ही नहीं पूरे भारत देश में लोग भगवान भोलेनाथ की साधना में लीन होते हैं। जगह-जगह कावड़ यात्रा निकाली जाती हैं। विदिशा से कांवड़ के दौरान की दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है। तीन बहुएं अपनी सास के लिए श्रवण कुमार बन गई हैंबुजुर्ग सास को टब में बैठाकर पहुंचीं देवपुर धाम

आज के दौर में बिखरते परिवार में विदिशा की तीन बहुओं ने अपनी साल के लिए एकजुटता की मिसाल पेश की हैं। पूरा मामला सिरोंज से जुड़ा है। तीन बहुएं अपनी सास को टब में बिठाकर कांवड़ यात्रा पर निकलीं। 40 किमी पैदल चलते हुए सिरोंज से 40 किमी दूर बाबा विश्वनाथ की नगरी देवपुर धाम पहुंचीं।

100 वर्ष की हैं बनिया बाई

दरअसल, विदिशा जिले की शमशाबाद तहसील की शाहपुर गांव की निवासी बनिया बाई जिनकी उम्र लगभग 100 वर्ष हो चुकी है। वह अपने जीवन में कभी देवपुर धाम नहीं गई थीं। उन्होंने इच्छा जाहिर कि उन्हें बाबा विश्वनाथ के दर्शनों के लिए पैदल देवपुर जाना है।।जिद के आगे परिवार ने टेके घुटने

उम्र का तकाजा होने के कारण पैदल जाना तो संभव ही नहीं था। बुजुर्ग महिला की जिद के आगे परिवार को घुटने टेकने पड़े। फिर क्या था उनकी तीन बहुएं ने समाधान निकाला की प्लास्टिक के टब में बिठाकर हम तीनों अपनी सास को बाबा विश्वनाथ के दर्शनों के लिए लेकर जाएंगे।

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