१ अक्टूबर से खुलेगा सोनेवानी का गेट, पर्यटक वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र का करेगें भ्रमण
बैठक में कार्यकारिणी का गठन करने सहित अन्य बिन्दुओं पर की गई चर्चा, वन विभाग से सडक़ का मरम्मत कार्य करवाने की मांग की
पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। दक्षिण सामान्य वन विभाग लालबर्रा वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले सोनेवानी जंगल को वन भ्रमण व अनुभूति केंद्र के लिए प्रमुखता से जाना जाता है। जहां जिले सहित अन्य जिलों व प्रदेशों के पर्यटक व नागरिक घूमने आते है। साथ ही जंगल क्षेत्र का भ्रमण कर बाघ सहित अन्य वन्यप्राणियों का दीदार करते है परन्तु शासन के निर्देश पर दक्षिण सामान्य वन विभाग लालबर्रा के वन परिक्षेत्र अधिकारी के द्वारा बारिश के मौसम को देखते हुए सोनेवानी वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र को जून में बंद कर दिया गया था। जिसे अब १ अक्टूबर से प्रारंभ किया जायेगा और क्षेत्रीय पर्यटक सफारी कर सोनेवानी वन्यप्राणी क्षेत्र का भ्रमण करने के साथ ही बाघ सहित अन्य वन्यप्राणियों का दीदार करने के साथ ही टेकाड़ी ला. सर्राटी जलाशय एवं पहाड़ी क्षेत्र के मनमोहक दृश्यों का जमकर आनंद लेगें। वहीं सोनेवानी वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र के गेट खुलने के पहले ७ सितंबर को बालाघाट रोड़ मानपुर स्थित लॉन में वाईल्ड लाईक वाहन संचालक संघ सोनेवानी लालबर्रा की आवश्यक बैठक संपन्न हुई। यह बैठक वन्यजीव प्रेमी, जिप्सी संचालक एवं संघ के पदाधिकारियों की उपस्थिति में प्रारंभ हुई। आयोजित बैठक में संघ का गठन करने, १ अक्टूबर से सोनेवानी अनुभव क्षेत्र का भ्रमण हेतु गेट खुलने के पहले की तैयारी, जंगल क्षेत्र स्थित सडक़ का मरम्मत कार्य, वन विभाग के नियमों का सभी जिप्सी संचालकों को पालन करने सहित अन्य बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। वहीं सर्वसम्मति से वाईल्ड लाईक वाहन संचालक संघ सोनेवानी लालबर्रा का गठन कर राहुल शर्मा को अध्यक्ष, भूपेन्द्र बिसेन (नवेगांव गेट), नोभिल बिसेन (अंतरा गेट), रिजाद अली (रमरमा गेट) को उपाध्यक्ष, राजिक मंसुरी को सचिव, आरिफ खान को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। साथ ही सभी पदाधिकारियों को संघ के हित एवं वन विभाग के द्वारा बनाये गये नियमों का पालन करते हुए कार्य करने की बात कही गई। वहीं उपस्थित वन्यप्रेमी एवं जिप्सी संचालकों ने भी अपनी-अपनी बात रखते हुए कहा कि वन विभाग के द्वारा १ अक्टूबर से सोनेवानी अनुभव क्षेत्र को प्रारंभ किया जा रहा है, लेकिन बारिश होने के कारण जंगल क्षेत्र की सडक़ खराब हो चुकी होगी, ऐसी स्थिति में पर्यटकों को वन्यप्राणियों का दीदार करवाने हेतु भ्रमण करने में परेशानी होगी, इसलिए वन विभाग को उक्त क्षेत्र की सडक़ों एवं गड्डों का मरम्मत कार्य एवं सभी जिप्सी संचालकों व गाइडस को नियमों का पालन करवाने की मांग की है।










































