अगले 6 महीनों में लागू होंगे 2-3 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, निर्यात को मिलेगी जबरदस्त रफ्तार: केंद्रीय मंत्री गोयल

0

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत अगले छह महीनों में कम से कम दो से तीन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) लागू करेगा, जबकि 2027 में ऐसे तीन से चार और समझौते लागू होने की उम्मीद है।

पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने नौ एफटीए को दिया अंतिम रूप

न्यूज एजेसी भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने नौ एफटीए को अंतिम रूप दिया है जिनमें मॉरीशस, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया, ओमान, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए), ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ समझौते शामिल हैं। मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, ओमान और ईएफटीए संघ के साथ व्यापार समझौते पहले ही लागू हो चुके हैं। ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के साथ अलग-अलग समझौते पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।

अगले 1 साल में लागू होंगे 3-4 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, “एक जून को ओमान-एफटीए लागू हुआ। आने वाले छह महीनों में आप कम से कम दो या तीन और बहुत महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते लागू होते देखेंगे। अगले एक वर्ष में आप देखेंगे कि हम कम से कम तीन या चार और महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौतों को लागू कर रहे होंगे। अगले नौ से 10 महीनों में सभी नौ मुक्त व्यापार समझौते लागू हो जाएंगे।”उन्होंने उद्योग जगत से दीर्घकालिक पूंजी निवेश करने का भी आग्रह किया और कहा कि शुरुआती पूंजी को निश्चित रूप से बेहतर रिटर्न मिलेगा।

भारत मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में सक्षम रहा

केंद्रीय मंत्री ने मुंबई में आयोजित ’सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026’ को ऑनलाइन संबोधित करते हुए यह बात कही। पश्चिम एशिया संकट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया ने देखा है कि भारत ने पिछले कुछ महीनों के वैश्विक संकट का किस तरह सामना किया है। जब दुनिया गंभीर मुद्रास्फीति का सामना कर रही है, भारत उसे नियंत्रित करने में सक्षम रहा है।

भारत ने वाजिब कीमतें सुनिश्चित करने में पाई सफलता

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “जब दुनिया संकट से आशंकित थी, खासकर खाड़ी क्षेत्र पर हमारी निर्भरता और वहां से आने वाली ऊर्जा जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है…वह प्रभावित हो रही थी, तब भारत ने पहले ही ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसी कारण हम अपने देशवासियों की जरूरतों को तेजी से पूरा कर पाए और इस संकट के दौरान पेट्रोल-डीजल, विमान ईंधन, कारखानों के लिए एलएनजी और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की आपूर्ति निर्बाध बनी रही।”

उन्होंने कहा कि भारत ने वाजिब कीमतें सुनिश्चित करने में सफलता पाई है। देश किसानों के लिए उर्वरक की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here