इंदौर में बजरंग दल कार्यकर्ताओं की पिटाई मामले की होगी जांच, पलासिया थाने के टीआइ लाइन अटैच

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बजरंग दल कार्यकर्ताओ की पिटाई मामले में एक्शन। भोपाल के एडीजी स्तर के अफसर करेंगे जांच। पलासिया टीआई को लाइन अटैच करने के निर्देश। यह बात प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में कही।

बजरंग दल पदाधिकारियों को पुलिस ने शुक्रवार तड़के छोड़ दिया। 11 लोगों को गुरुवार रात पलासिया चौराहा से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने देर रात सभी को मेडिकल के लिए बाहर निकाला और एमवाय अस्पताल लेकर गए। परीक्षण के बाद करीब 5 बजे कहा कि आप सभी को रिहा किया जाता है। बजरंगियों ने जमानत से इन्कार कर दिया था। लेकिन पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आ गया और कहा कि जमानत की आवश्यकता नहीं है। तुम सभी को रिहा किया जाता है। विभाग संयोजक तन्नू शर्मा के मुताबिक उनकी मांग है कि लाठियां चलाने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाऐं। संगठन से चर्चा के बाद आगे आंदोलन की रुपरेखा बनाई जाएगी।

क्या है पूरा मामला

पलासिया चौराहा पर चक्काजाम कर प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। हिंदू संगठन (बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद) के सैंकड़ों कार्यकर्ता नशाखोरी का विरोध एवं कार्यकर्ता पर दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शीर्ष अधिकारियों को बुलाने की जिद कर रहे थे। देखते ही देखते हजारों की संख्या में कार्यकर्ता जमा हो गए और वहां का यातायात जाम होने लगा। पुलिस को कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने विभाग मंत्री राजेश बिंजवे, विभाग संयोजक तन्नू शर्मा, विभाग संगठन मंत्री अभिषेक उदनिया, सहमंत्री यश सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा है। लाठीचार्ज में छह लोगों को चोट आई है। प्रदर्शनकारियों के हाथों में- इंदौर पुलिस तो थी अपराधियों का काल-किंतु आप क्यों हो रहे गोलमाल, हम पुलिस के सदा साथ है राष्ट्रहित में-झूठी एफआइआर तो मत करो स्वार्थहित, झूठी एफआइआर करवाने वालों पर कार्रवाई हो- निर्दोषों को आरोपी बनाने वालों पर कार्रवाई हो जैसी तख्तियां थी।

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