नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच शाति वार्ता बार-बार विफल हो रही है और दोनों तरफ से एक दूसरे पर जुबानी हमले रुक नहीं रहे हैं। वहीं, इस बीच अब पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने नया दावा किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कल यानी 19 मई को एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। जिसमें MI6 (यूके) और DGSE (फ्रांस) जैसी विदेशी खुफिया एजेंसियां भी भाग ले सकती हैं। लकी बिष्ट का अगर दावा सच होता है तो ईरान के खिलाफ अमेरिका जरूर कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है।
क्या है लकी बिष्ट का दावा
पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने दावा करते हुए अपने एक्स हैंडल पर लिखा “कल (19 मई) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प वाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सैन्य अधिकारियों के साथ एक बेहद अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस हाई-लेवल मीटिंग में ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों और आगे के युद्ध की रणनीति पर चर्चा होगी। बड़ी बात यह है कि इस खुफिया बैठक में MI6 (यूके) और DGSE (फ्रांस) जैसी विदेशी खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।”
ट्रंप ने ईरान को दी है सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान के लिए घड़ी टिक-टिक कर रही है, वे जल्दी समझौता करें, वरना उनका वजूद ही नहीं बचेगा। वहीं ईरान ने भी साफ-साफ कह दिया है कि अमेरिका ईरान में हुए भारी नुकसान की भरपाई करे तब ही जाकर कोई बातचीत होगी। अब डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से अहम बैठक बुलाई है।
अमेरिका की इन शर्तों को ईरान ने मानने से किया इनकार
- ईरान अपना 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) अमेरिका को सौंपे
- केवल एक परमाणु केंद्र चालू रखे; युद्ध के नुकसान के मुआवजे की मांग छोड़े
- अमेरिका ने ईरान से कहा कि जब्त संपत्तियों को फ्रीज ही रहने दे।
- ईरान ने अमेरिका की इन शर्तों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
- ईरान अपनी सेना को “हाईएस्ट अलर्ट” पर रखते हुए कहा है कि वह पीछे नहीं हटेगा।










































