नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका में अंतरिम शांति समझौते के बीच भारत और इजरायल के गहराते संबंधों पर दुनियाभर में चर्चा हो रही है। दुनियाभर के कई एक्सपर्ट पीएम मोदी के राज में भारत और इजरायल के बीच गहराते रिश्ते पर सवाल उठा रहे हैं। वह भी तब जब गाजा युद्ध को लेकर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार की मांग तेज हो रही है। यही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू के बीच भी ईरान डील और लेबनान को लेकर तनाव बढ़ गया है। ट्रंप कई बार नेतन्याहू को फटकार लगा चुके हैं। वहीं अगर नेतन्याहू की बात करें तो उनकी पीएम मोदी के साथ दोस्ती चट्टान की तरह से मजबूत बनी हुई है। भारत और इजरायल के बीच रिश्ते नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। अब कई एक्सपर्ट यह कह रहे हैं कि भारत को इजरायल के बहुत ज्यादा करीबी जाने से परहेज करना चाहिए। आइए समझते हैं पूरा मामला…
ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स ने भारत और इजरायल के बीच मजबूत होते रिश्ते पर एक लंबा चौड़ा लेख लिखा है। अखबार ने लिखा कि जब ट्रंप और नेतन्याहू के बीच दोस्ती पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर तनाव में चल रही है, एक ‘अनपेक्षित गठबंधन’ बनकर उभर रहा है। यह भारतीय पीएम मोदी और नेतन्याहू के बीच है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे तब वह साल 2017 में इजरायल की यात्रा पर गए थे। नरेंद्र मोदी ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब मोदी और नेतन्याहू दोनों ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक हैं।










































