इस्लामाबाद: बीते साल तीखे सैन्य टकराव के एक साल बाद भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से तनाव बढ़ रहा है। इस बाद तनाव की मुख्य वजह सिंधु जल संधि है। भारत ने पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि पर रोक लगा दी थी, जिससे पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इसी संधि को लेकर भारत पर आरोप लगाते हुए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अब युद्ध की गीदड़भभकी दी है।
आसिफ ने शुक्रवार को एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर कहा कि अगर इस्लामाबाद को लगता है कि उसके राष्ट्रीय हितों को खतरा है, तो पानी की सुरक्षा युद्ध की वजह बन सकती है। आसिफ ने पानी को पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में सैन्य कार्रवा की जरूरत नहीं है।आसिफ ने इस तरह की टिप्पणी पहली बार नहीं की है, लेकिन इस बार यह ऐसे में आई है जब भारत ने सिंधु नदी प्रणाली की नदियों पर परियोजनाओं में तेजी लाई है। 1960 से चली आ रही इस संधि को भारत ने पिछले साल अप्रैल में रोक दिया था। भारत ने कहा है कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते। पाकिस्तान का कहना है कि भारत पानी को हथियार बना रहा हैभारत के नदी प्रोजेक्ट से डरा पाकिस्तान
इस्लामाबाद ने आरोप लगाया है कि सिंधु समझौते के तहत पाकिस्तान के हिस्से में आने वाली नदियों पर भारत बांध बनाकर पानी का रास्ता मोड़ रहा है, जिसके चलते पाकिस्तान के सामने आर्थिक तबाही का खतरा मंडरा रहा है। भारत ने हाल ही में चिनाब-ब्यान लिंक टनल के मेगा प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया है। चिनाब नदी के ऊपरी शाखा पर बन रहा यह प्रोजेक्ट पानी को टनल के रास्ते ब्यास नदी में मोड़ देगा। पहले से ही पानी की कमी से जूझ रहा पाकिस्तान इससे घबराया हुआ है।










































