बालाघाट। शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण चौराहों में शुमार बस स्टैंड के समीप स्थित अवंती बाई चौक इन दिनों गंभीर अव्यवस्था और लापरवाही का केंद्र बना हुआ है। यहां नगर पालिका द्वारा नाली की सफाई के नाम पर उसे पिछले एक महीने से खुला छोड़ दिया गया है।जो अब आम नागरिकों, राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। स्थिति यह है कि हर दिन यहां दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं दिख रहा।
अवंती बाई चौक नगर का प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन है।जहां से एक-दो नहीं बल्कि छह महत्वपूर्ण मार्ग जुड़े हुए हैं। इनमें भटेरा रोड, बैहर रोड, गुजरी रोड, काली पुतली चौक मार्ग, बस स्टैंड से अस्पताल जाने वाला मार्ग और बूढ़ी रोड शामिल हैं। इसके अलावा, पास में मुख्य बस स्टैंड होने के कारण यहां दिनभर यात्रियों, ऑटो चालकों, बसों और अन्य वाहनों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे संवेदनशील और व्यस्त स्थान पर इस तरह की लापरवाही प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।जानकारी के मुताबिक अप्रैल माह में नगर पालिका ने मुलना गार्डन के सामने स्थित इस नाली को सफाई के उद्देश्य से खोला था। शुरुआत में लोगों को उम्मीद थी कि कुछ ही दिनों में सफाई कार्य पूरा कर नाली को फिर से ढक दिया जाएगा, लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद न तो सफाई कार्य पूरा हुआ और न ही नाली को बंद किया गया। नाली का मलबा भी नाली में पड़ा हुआ है।जिससे न केवल गंदगी फैल रही है बल्कि बदबू और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।
नगर पालिका द्वारा सुरक्षा के नाम पर नाली के चारों ओर अस्थायी स्टॉपर लगा दिए गए हैं। लेकिन रात के समय और अधिक खतरा पैदा हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे में कई बार बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग गिरते-गिरते बचते हैं।
इस चौक पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग ऑटो और बस का इंतजार करते हैं। खासकर महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे यहां लंबे समय तक खड़े रहते हैं। ऐसे में खुली नाली उनके लिए सीधे खतरे का कारण बन गई है। स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों ने बताया कि कई बार छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं। लेकिन अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है।जो कि केवल किस्मत का ही खेल है।
पहले इस चौक पर यातायात पुलिस के जवान नियमित रूप से तैनात रहते थे और ट्रैफिक को नियंत्रित करते थे। लेकिन अब उनकी मौजूदगी भी काफी कम हो गई है। इससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई है। जाम लगना आम बात हो गई है और वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि काम शुरू करने के बाद उसे अधूरा छोड़ देना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए और तुरंत नाली की सफाई पूरी कर उसे सुरक्षित रूप से ढका जाए। साथ ही जब तक कार्य पूर्ण नहीं होता, तब तक उचित सुरक्षा व्यवस्था, पर्याप्त बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर नगर पालिका प्रशासन पर होगी।










































