Karnataka Special Intensive Revision: कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। जानिए शुरुआती आंकड़ों से लेकर ड्राफ्ट और फाइनल सूची तक का पूरा गणित और आंकड़े।Karnataka Final Voter List 2026 SIR: कर्नाटक में SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, कर्नाटक के कार्यालय की ओर से जारी विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया गया। रिवीजन शुरू होने से पहले 16 जून 2026 को मतदाता सूची में कुल 5,54,32,314 मतदाता दर्ज थे। अंतिम मतदाता सूची में सामान्य मतदाताओं और सर्विस वोटरों को मिलाकर यह संख्या 4,55,00,011 हो गई है। इस तरह शुरुआती संख्या की तुलना में 99,32,303 मतदाताओं का अंतर दर्ज किया गया है।
हालांकि, ड्राफ्ट मतदाता सूची की तुलना में अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में सामान्य मतदाताओं और सर्विस वोटरों को मिलाकर कुल 4,46,80,151 मतदाता थे। अंतिम सूची में यह संख्या बढ़कर 4,55,00,011 हो गई। यानी ड्राफ्ट से फाइनल सूची तक कुल 8,19,860 मतदाता बढ़े। इनमें सामान्य मतदाताओं की संख्या में 8,19,714 और सर्विस वोटरों की संख्या में 146 की वृद्धि हुई।
अंतिम सूची में 4,54,55,689 सामान्य मतदाता हैं। इनमें 2,25,40,493 पुरुष, 2,29,12,355 महिलाएं और 2,841 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 44,322 सर्विस वोटर दर्ज किए गए हैं, जिनमें 42,614 पुरुष और 1,708 महिलाएं हैं। सामान्य मतदाताओं और सर्विस वोटरों को मिलाकर राज्य में कुल 2,25,83,107 पुरुष, 2,29,14,063 महिला और 2,841 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है।कर्नाटक में जेंडर रेशियो बढ़कर 1,017 हुआ
अंतिम मतदाता सूची में जेंडर रेशियो 1,017 दर्ज किया गया है। ड्राफ्ट मतदाता सूची में यह अनुपात 1,014 था। यानी प्रति 1,000 पुरुष मतदाताओं पर महिला मतदाताओं की संख्या के अनुपात में तीन अंकों की वृद्धि हुई।
मतदाता-जनसंख्या अनुपात (Elector-to-Population Ratio) भी ड्राफ्ट सूची के 64.92 से बढ़कर अंतिम सूची में 66.11 हो गया। इसमें 1.19 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। ये दोनों आंकड़े ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूची के बीच बदलाव को दर्शाते हैं।
किस आयु वर्ग में कितने मतदाता हैं?
अंतिम मतदाता सूची में 30 से 39 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। इस आयु वर्ग में कुल 1,02,57,680 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 51,45,251 पुरुष, 51,11,337 महिलाएं और 1,092 थर्ड जेंडर मतदाता हैं।
40 से 49 वर्ष आयु वर्ग में कुल 94,17,853 मतदाता हैं। इनमें 46,65,205 पुरुष, 47,52,063 महिलाएं और 585 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इस आयु वर्ग में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है।
20 से 29 वर्ष आयु वर्ग में कुल 86,56,838 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 45,08,240 पुरुष, 41,47,863 महिलाएं और 735 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। वहीं, 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में कुल 76,15,826 मतदाता हैं। इनमें 37,37,995 पुरुष, 38,77,588 महिलाएं और 243 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
60 से 69 वर्ष आयु वर्ग में 50,87,095 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 23,94,389 पुरुष, 26,92,606 महिलाएं और 100 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। 70 से 79 वर्ष आयु वर्ग में कुल 27,45,208 मतदाता हैं। इनमें 12,97,045 पुरुष, 14,48,113 महिलाएं और 50 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
80 से 84 वर्ष आयु वर्ग में कुल 5,99,691 मतदाता हैं। इनमें 2,65,295 पुरुष, 3,34,381 महिलाएं और 15 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। वहीं, 85 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में कुल 3,92,134 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें 1,62,522 पुरुष, 2,29,609 महिलाएं और तीन थर्ड जेंडर मतदाता हैं।
18 से 19 वर्ष के युवा मतदाताओं की संख्या 6,83,364 है। इनमें 3,64,551 पुरुष, 3,18,795 महिलाएं और 18 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। इस तरह पहली बार मतदान की उम्र में पहुंचे युवाओं की संख्या करीब 6.83 लाख है।
आयु वर्ग के आंकड़ों से स्पष्ट है कि 30 से 39 वर्ष के मतदाता सबसे बड़ा समूह हैं। इसके बाद 40 से 49 वर्ष, 20 से 29 वर्ष और 50 से 59 वर्ष के मतदाताओं का स्थान है। 18 से 19 वर्ष के युवा मतदाताओं की संख्या ड्राफ्ट सूची के 3,70,341 से बढ़कर अंतिम सूची में 6,83,364 हो गई। यानी युवा मतदाताओं की संख्या में 3,13,023 की वृद्धि हुई।
SIR से पहले कितने मतदाता थे और ड्राफ्ट सूची में कितने नाम आए?
रिपोर्ट के अनुसार, 16 जून 2026 को मतदाता सूची में दर्ज 5,54,32,314 मतदाताओं के लिए एन्यूमरेशन फॉर्म तैयार किए गए थे। बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने 30 जून से 17 अगस्त 2026 तक घर-घर जाकर फॉर्म वितरित किए और मतदाताओं का सत्यापन किया। कुल 4,46,35,975 मतदाताओं ने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा किए। यह शुरुआती मतदाता संख्या का 80.52 फीसदी था।
जमा किए गए फॉर्म को BLO ऐप पर डिजिटल किया गया। इनमें 2,46,92,908 मतदाताओं के रिकॉर्ड को ‘मैप्ड ऐज प्रोजेनी’ श्रेणी में रखा गया, जो जमा फॉर्म का 55.32 फीसदी था। वहीं, 1,75,97,567 मतदाताओं के रिकॉर्ड को ‘मैप्ड ऐज सेल्फ’ श्रेणी में रखा गया, जो 39.42 फीसदी था। इसके अलावा 23,45,500 मतदाताओं के रिकॉर्ड का मैपिंग नहीं हो पाया। यह कुल जमा फॉर्म का 5.25 फीसदी था।
जिन 1,07,96,339 मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं हुए, उन्हें ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया। यह शुरुआती मतदाता संख्या का 19.48 फीसदी था। इन मतदाताओं की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित की गई और उसकी प्रतियां पंजीकृत तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी दी गईं। सूची में फॉर्म जमा नहीं होने के संभावित कारणों के आधार पर मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट श्रेणियों में रखा गया।
इनमें 19,00,926 मतदाता अनुपस्थित पाए गए, जो कुल शुरुआती मतदाताओं का 3.43 फीसदी थे। स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या 65,45,679 यानी 11.81 फीसदी थी। मृतक के रूप में चिह्नित मतदाताओं की संख्या 16,39,864 यानी 2.96 फीसदी थी। वहीं, 7,09,870 मतदाता पहले से किसी अन्य स्थान पर दर्ज होने के कारण डुप्लीकेट श्रेणी में रखे गए। यह शुरुआती मतदाताओं का 1.28 फीसदी था।
ड्राफ्ट सूची में पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या
24 अगस्त 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में 4,46,35,975 सामान्य मतदाता दर्ज थे। इनमें 2,21,59,240 पुरुष, 2,24,73,864 महिलाएं और 2,871 थर्ड जेंडर मतदाता थे। इसके अलावा 44,176 सर्विस वोटर थे। इनमें 42,487 पुरुष और 1,689 महिलाएं शामिल थीं। इस तरह ड्राफ्ट सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 4,46,80,151 थी।
दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामान्य मतदाताओं की संख्या 4,54,55,689 पहुंच गई। ड्राफ्ट सूची की तुलना में पुरुष सामान्य मतदाताओं की संख्या में 3,81,253 और महिला सामान्य मतदाताओं की संख्या में 4,38,491 की वृद्धि हुई। थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 2,871 से घटकर 2,841 हो गई। वहीं, सर्विस वोटरों की संख्या 44,176 से बढ़कर 44,322 हो गई।
दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 5.65 लाख
कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 5,65,340 दर्ज की गई है। इनमें 3,26,716 पुरुष, 2,38,589 महिलाएं और 35 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। ड्राफ्ट सूची में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 5,55,691 थी। इस तरह अंतिम सूची में 9,649 दिव्यांग मतदाता बढ़े।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने SIR के दौरान वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, बीमार और अशक्त लोगों तथा विदेश में रहने वाले मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष कदम उठाने की जानकारी दी है। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों(ERO) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों ने ऐसे मतदाताओं की सुनवाई और प्रक्रिया में सहायता की।
प्रवासी भारतीय मतदाताओं की संख्या 3,252
अंतिम मतदाता सूची में प्रवासी भारतीय यानी NRI मतदाताओं की संख्या 3,252 है। इनमें 2,043 पुरुष और 1,209 महिलाएं शामिल हैं। ड्राफ्ट सूची में NRI मतदाताओं की संख्या 951 थी, जिनमें 696 पुरुष और 255 महिलाएं थीं। इस तरह अंतिम सूची में प्रवासी भारतीय मतदाताओं की संख्या में 2,301 की वृद्धि दर्ज की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, NRI मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म 6A का इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, नाम हटाने, विवरण में सुधार और निवास स्थान बदलने की प्रक्रिया को लगातार जारी रखने की व्यवस्था भी बताई है।
दावे और आपत्तियों के बाद 10.08 लाख नाम जोड़े गए
ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि रखी गई थी। इसके बाद 22 अक्टूबर तक नोटिस जारी करने, सुनवाई और मामलों के निपटारे की प्रक्रिया चली। अधिकारियों ने मतदाताओं की ओर से दी गई जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन किया तथा जहां जरूरी था, वहां सुनवाई के बाद निर्णय लिया।
इस प्रक्रिया के दौरान 10,08,038 नए नाम जोड़े गए। इनमें फॉर्म 6 के जरिए 8,77,104 नाम, फॉर्म 6A के जरिए 2,312 नाम और फॉर्म 8 के तहत निवास स्थान बदलने से संबंधित 1,28,622 नाम शामिल थे।
इसी दौरान 1,88,324 नाम हटाए गए और 8,96,519 मतदाताओं के विवरण में संशोधन या सुधार किया गया। नाम हटाने के मामलों में 1,091 नाम मृत्यु के कारण हटाए गए। पहले से दर्ज डुप्लीकेट नामों के कारण 762 नाम हटाए गए। फॉर्म 8 के जरिए निवास स्थान बदलने के कारण स्वतः तैयार फॉर्म 7 के आधार पर 1,24,327 नाम हटाए गए। अनुपस्थित श्रेणी में 184 नाम हटाए गए, जबकि अन्य कारणों में 61,960 नाम शामिल थे। इस अंतिम श्रेणी में सुनवाई के दौरान अयोग्य पाए गए मामलों के लिए तैयार फॉर्म 7 भी शामिल थे।
फॉर्म 7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने या हटाए जाने के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। घर का पता बदलने के हिसाब से मौजूदा मतदाता सूची से नाम स्थानांतरित करने के मामले में फॉर्म 8 के साथ संबंधित प्रक्रिया अपनाई जाती है।
43.82 लाख मतदाताओं को नोटिस, 61,867 अंतिम सूची के लिए अयोग्य
रिपोर्ट के अनुसार, कुल 43,82,824 नोटिस दिए गए। इन सभी मामलों में सुनवाई की गई। नोटिस उन मतदाताओं को जारी किए गए जिनके एन्यूमरेशन फॉर्म में पिछली SIR मतदाता सूची का विवरण उपलब्ध नहीं था या उपलब्ध जानकारी संबंधित डेटाबेस से मेल नहीं खाती थी।
सुनवाई के बाद 43,20,957 मामलों को सुनवाई के आधार पर अंतिम सूची के लिए निपटाया गया। इसके अतिरिक्त 4,02,53,151 मामलों को अन्य श्रेणी में अंतिम सूची के लिए रखा गया। कुल 61,867 मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची के लिए अयोग्य चिह्नित किया गया। दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की कार्रवाई लागू कानूनों तथा केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार की गई।
कर्नाटक में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ी
16 जून 2026 को SIR से पहले राज्य में कुल 59,050 मतदान केंद्र थे। इनमें 21,520 शहरी और 37,530 ग्रामीण मतदान केंद्र शामिल थे। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के समय 27 अक्टूबर 2026 को मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 60,923 हो गई। इनमें 21,862 शहरी और 39,061 ग्रामीण मतदान केंद्र हैं।
इस तरह राज्य में कुल 1,873 मतदान केंद्र बढ़े। शहरी क्षेत्रों में 342 और ग्रामीण क्षेत्रों में 1,531 मतदान केंद्रों की वृद्धि दर्ज की गई। मतदान केंद्रों के कुल स्थानों की संख्या भी 41,498 से बढ़कर 41,888 हो गई, यानी 390 स्थान बढ़े।
किस जिले में कितने सामान्य मतदाता?
कर्नाटक की जिला-वार अंतिम मतदाता सूची में बेलगावी जिला सबसे आगे है। यहां 36,35,860 सामान्य मतदाता दर्ज हैं। इनमें 18,25,531 पुरुष, 18,10,170 महिलाएं और 159 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
जिला-वार आंकड़ों में बेलगावी में सबसे अधिक और कोडागु में सबसे कम सामान्य मतदाता दर्ज किए गए हैं। राज्य के कुल 34 जिलों और बेंगलुरु के विभिन्न बीबीएमपी क्षेत्रों को मिलाकर सामान्य मतदाताओं की संख्या 4,54,55,689 है।
सर्विस वोटरों की संख्या 44,322
कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची में 44,322 सर्विस वोटर दर्ज किए गए हैं। इनमें 42,614 पुरुष और 1,708 महिलाएं हैं। बेलगावी जिले में सर्विस वोटरों की संख्या सबसे अधिक 18,952 है। इनमें 18,316 पुरुष और 636 महिलाएं हैं।
बेलगावी में सबसे अधिक 18 से 19 वर्ष के युवा मतदाता
कर्नाटक में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के कुल 6,83,364 युवा मतदाता हैं। इनमें 3,64,551 पुरुष, 3,18,795 महिलाएं और 18 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। जिला-वार आंकड़ों के मुताबिक, बेलगावी में सबसे अधिक 42,743 युवा मतदाता दर्ज हैं। इनमें 23,894 पुरुष और 18,849 महिलाएं हैं।
85 वर्ष से अधिक उम्र के 3.92 लाख मतदाता
कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची में 85 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 3,92,134 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 1,62,522 पुरुष, 2,29,609 महिलाएं और तीन थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। बेलगावी में सबसे अधिक 34,476 मतदाता इस आयु वर्ग में हैं। मैसूर में 25,162 और तुमकुर में 24,665 मतदाता 85 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस आयु वर्ग में महिलाओं की संख्या पुरुषों से काफी अधिक है।
SIR में राजनीतिक दलों के 1.33 लाख बूथ लेवल एजेंट शामिल
कर्नाटक में SIR की प्रक्रिया में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। जिसमें आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी शामिल हैं। राज्य स्तरीय दल जनता दल (सेक्युलर) है।
इन राजनीतिक दलों ने राज्य में कुल 1,33,092 बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए थे। SIR के विभिन्न चरणों में राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर नियमित बैठकें की गईं। राजनीतिक दलों के सुझावों और प्रतिक्रियाओं पर कानून के अनुसार विचार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि राजनीतिक दलों और उनके बूथ लेवल एजेंटों ने मतदाताओं तक जानकारी पहुंचाने, BLO के साथ समन्वय करने और मतदाता सूची की सटीकता तथा समावेशिता मजबूत करने में योगदान दिया।
60,923 BLO ने संभाली जिम्मेदारी
SIR की प्रक्रिया पूरी करने में राज्य के 34 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 34 रोल ऑब्जर्वर, 31 जिला पंचायतों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, 224 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, 336 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, 3,926 अतिरिक्त सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, 6,092 BLO सुपरवाइजर और 60,923 बूथ लेवल अधिकारियों ने भाग लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, BLO ने 5,54,32,314 मतदाताओं को कवर करते हुए घर-घर सत्यापन किया, एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए और जमा हुए 4,46,35,975 फॉर्म का डिजिटलीकरण किया। उन्होंने 43,82,824 मतदाताओं के नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया में भी सहायता की।







































