ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका के “पूर्ण नियंत्रण” की बात कही थी। ईरान का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार किए जा रहे दावों से जमीनी हकीकत नहीं बदलती और जलमार्ग अभी भी बंद है।
ईरान के फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (PGSA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “अमेरिकी अधिकारियों के दावों से सच नहीं बदलता, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और जब तक ईरान की शर्तें स्वीकार नहीं की जातीं, इसे नहीं खोला जाएगा।”
ट्रंप का दावा -अमेरिका का स्टील वॉल की तरह पूर्ण नियंत्रण
ईरान का यह कड़ा जवाब राष्ट्रपति ट्रंप के ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर आए उस बयान के कुछ ही घंटों बाद आया है जिसमें उन्होंने लिखा था कि “अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह नियंत्रण है और वह इसे बनाए रखेगा।” उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक तैनाती को ‘स्टील की दीवार’ (Wall of Steel) बताते हुए दावा किया कि ईरान इसके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता। ट्रंप ने यह भी दावा किया क ईरान का सैन्य ढांचा बुरी तरह कमजोर हो चुका है। ट्रंप ने लिखा, “उनके पास सिर्फ फेक न्यूज और 300% महंगाई बची है! ईरान केवल बातें करता है, कार्रवाई नहीं। वह अब मिडिल ईस्ट का दादा (Bully) नहीं रहा।” उन्होंने अपने बयान का अंत “Praise be to Allah” के साथ किया।ईरान ने रखीं होर्मुज खोलने की शर्तें
ईरान के नवनियुक्त सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) प्रमुख मोहसेन रेजाई ने कहा कि अमेरिका को सभी शर्तें पूरी करनी होंगी। उनके मुताबिक ईरान की प्रमुख मांगों में अमेरिका द्वारा युद्ध और नाकाबंदी खत्म करना, अमेरिका में ईरान की फ्रीज (जब्त) की गई संपत्तियां जारी करना और लेबनान व गाजा समेत पूरे क्षेत्र में युद्धविराम स्वीकार करना शामिल है। रेजाई ने कहा कि जब तक हमारी सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा।
वैश्विक तेल व्यापार के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। इसके माध्यम से दुनिया के कुल पेट्रोलियम व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। हाल के हफ्तों में अमेरिका, इजरायल और ईरानी बलों के बीच हुए सीधे सैन्य संघर्षों के बाद इस इलाके में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष राजनयिक बातचीत भी चल रही है। बातचीत का मुख्य उद्देश्य तनाव कम करना और होर्मुज के जरिए सामान्य समुद्री यातायात बहाल करने की संभावना तलाशना है। लेकिन फिलहाल इस रास्ते से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को कड़ी सुरक्षा और भारी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।










































