किसानो ने समस्या का निराकरण करने विभाग से की मांग
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कासपुर के आमाटोला में जल संसाधन विभाग की घोर लापरवाही के कारण किसानों के सामने सिंचाई का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ढूटी नहर से निकली माइनर का पानी जल निकासी मार्ग यानि मोंगा बंद होने की वजह से खेतों तक नहीं पहुँच पा रहा है। इस तकनीकी खामी और विभागीय अनदेखी के चलते लगभग १५० एकड़ कृषि भूमि में लगी फ सलों पर सिचाई का खतरा मंडरा रहा है जिससे क्षेत्रीय किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
३ वर्षों से जुगाड़ के भरोसे खेती, अंतिम पानी के अभाव में नुकसान
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह समस्या कोई नई नहीं है बल्कि पिछले ३ वर्षों से लगातार बनी हुई है। बारिश के दिनों में मुरुम खदान के गड्ढों में जमा होने वाले पानी और आसपास के ट्यूबवेल धारकों से सहयोग लेकर किसान किसी तरह अपनी फसलों की शुरुआती सिंचाई करते आ रहे हैं। परंतु जब फ सल के पकने के समय अंतिम पानी आखिरी सिंचाई की सबसे सख्त जरूरत होती है तब पानी नहीं मिल पाता। सही समय पर पानी नही मिलने से हर साल किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कासपुर ढूटी नहर से निकली माइनर का पानी अंतिम छोर मदनपुर तक पहुँचता है। आमाटोला से कायदी कच्चे मार्ग पर पानी के बहाव और वितरण के लिए एक मोंगा वाटर कोष नाली मार्ग लगा हुआ है। यह मोंगा लंबे समय से बंद पड़ा है। मोंगा बंद होने के कारण पानी किसानों के खेतों की नालियों में जाने के बजाय सीधे मदनपुर की ओर बहकर निकल जाता है। पीडित किसानों ने इस गंभीर समस्या के संबंध में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इसके बावजूद विभाग ने अब तक मामले को गंभीरता से नहीं लिया है और ना ही स्थल का निरीक्षण कर सुधार कार्य कराया है। फ सलों को बर्बादी से बचाने के लिए किसानों ने शासन व जल संसाधन विभाग से गुहार लगाई है कि बंद पड़े मोंगे को तत्काल खुलवाया जाए और नहर नाली की मरम्मत कराकर १५० एकड़ क्षेत्र के किसानों को सुचारू रूप से पानी उपलब्ध कराया जाए।
सिचांई विभाग के अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी नही हुआ समाधान-अमरसिंह भलावी
किसान अमर सिंह भलावी ने बताया कि सिंचाई के पानी की बहुत दिक्कत है वाटर कोर्स खेत नाली से पानी नहीं आ रहा है। मुख्य सडक़ पर गुजरने वाली नाली में एक मोंगा लगा है जो अंदर आता है परंतु वह बंद हो गया है क्योंकि नीचे मिट्टी में वह दब गया है। यहां पर करीब १५० एकड़ कृषि भूमि स्थित है जो अब नहर के पानी से असिंचित पड़ी हुई है इसकी शिकायत भी किये थे पर कुछ हुआ नहीं। अभी सिंचाई के लिए हम गड्ढे में जमा पानी ले रहे हैं आखिरी पानी में हमें नुकसान उठाना पड़ता है पर्याप्त पानी सिचांई के लिए नहीं मिल रहा है। यह कासपुर से नहर आती है हम चाहते हैं कि विभाग इस पर गंभीरता से ध्यान देकर हमारे खेतों में पानी पहुंचाये।










































