तकनीक सिर्फ टूल नहीं, इंसानी दिमाग का विस्तार है

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बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अब इस दुनिया में नहीं हैं। 34 साल की उम्र में अलविदा कहने वाले सुशांत एक बेहतरीन कलाकार थे। साथ ही वह एक टेक विजनरी भी थे। अपने विभिन्न इंटरव्यूज में सुशांत, टेक्नोलॉजी को लेकर बेहद सजग और गंभीर नजर आते थे। कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी और ऑगमेंटेड रियलिटी के बारे में उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। हमने विभिन्न इंटरव्यूज और न्यूज रिपोर्ट्स से टेक्नोलॉजी के को लेकर सुशांत का नजरिया समझा।

सुशांत का मानना था कि टेक्नोलॉजी और भविष्य की तकनीक पर बात एक आरामदायक माहौल में होनी चाहिए, ताकि नए और इनोवेटिव विचार सामने आ सकें। वह कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों पर चर्चा को बोझिल बनाने के बजाए उसे डिनर टेबल पर डिस्कस करना पसंद करते थे, जिससे इनोवेटिव विचार सामने आ सकें।

सुशांत कितने बड़े टेक लवर थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने Innsaei Ventures नाम से कंपनी शुरू की थी। वो वर्चुअल रियलिटी, 3D प्रिंटिंग और हेल्थकेयर/एजुकेशन में एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहते थे।
सुशांत कहते थे कि तकनीक सिर्फ एक टूल नहीं है। यह इंसानी दिमाग और संवेदनाओं का विस्तार है। अगर हम तकनीक का इस्तेमाल सही तरीके से करें, तो हम सीखने और अनुभव करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकते हैं।

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