बालाघाट। दहेज में 2 लाख रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर एक विवाहिता को शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर किरनापुर पुलिस ने उसके पति मनीष गायधने, सास चम्पा गायधने और ससुर नन्दकिशोर गायधने ग्राम धपेरा थानां लालबर्रा निवासी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार किरनापुर थाना क्षेत्र में रहने वाली 24 वर्षीय युवती की शादी 15 मई 2025 को सामाजिक रीति-रिवाज के साथ ग्राम धपेरा लालबर्रा निवासी मनीष गायधने से हुई थी। विवाह के बाद वह अपने पति और ससुराल पक्ष के साथ धपेरा में रह रही थी। बताया गया है कि शादी के लगभग एक माह तक उसे ससुराल में अच्छी तरह रखा गया, लेकिन इसके बाद पति मनीष गायधने, ससुर नंदकिशोर गायधने और सास चंपा गायधने दहेज कम लाने की बात कहकर उसे प्रताड़ित करने लगे। आरोप है कि तीनों उसे लगातार गाली-गलौज करते हुए शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान करते थे तथा मायके से 2 लाख रुपये लाने का दबाव बनाते थे। नवरात्रि के दौरान जब वह अपने पति के साथ मायके से ससुराल लौट रही थी। तब सालेटेका के पास मनीष ने मोटरसाइकिल रोककर उससे पूछा कि क्या वह 2 लाख रुपये लेकर आई है। जब उसने रुपये नहीं लाने की बात कही तो मनीष ने उसके पिता को फोन कर पैसे न भेजने पर बेटी को परेशान करने की धमकी दी। इसके बाद घर पहुंचकर उसके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया।युवती को शादी में मिले जेवर भी उससे वापस ले लिए गए और कहा गया कि मायके से पैसे लाकर नए जेवर बनवाए जाएं। आरोप है कि 14 मई 2026 को पति ने लकड़ी से उसके साथ मारपीट की। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने मायके जाने की इच्छा जताई। जिसके बाद 30 मई की शाम करीब 7 बजे स्वाति को पति मायके छोड़कर चला गया।मायके पहुंचने पर युवती ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई और उनके साथ किरनापुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।किरनापुर पुलिस ने आरोपी मनीष गायधने, नंदकिशोर गायधने और चंपा गायधने के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 115(2), 3(5) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।










































