नवतपा का कहर – बैल बाजार में भीषण गर्मी से एक बैल की मौत, गरीब कृषक को हुआ हजारों का नुकसान

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पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। क्षेत्र में इन दिनों नवतपा की भीषण गर्मी और तेज धूप का कहर लगातार जारी है। आसमान से बरसती आग के कारण जनजीवन तो बेहाल है ही, साथ ही मूक पशु भी इसका शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला और दु:खद मामला लालबर्रा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत पांढरवानी-लालबर्रा के साप्ताहिक बैल बाजार से सामने आया है, जहां गुरूवार को तड़पती धूप और लू के कारण एक बैल की मौके पर ही मौत हो गई। जिससे गरीब कृषक (किसान) को हजारों रूपये का नुकसान हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत खुरपुड़ी निवासी गरीब कृषक अजबलाल कावरे गुरूवार २८ मई को अपने दो बैलों को बेचने की उम्मीद लेकर सिवनी मार्ग पावर हाउस लालबर्रा स्थित बैल बाजार लेकर आया था। दोपहर करीब २ बजे जब गर्मी अपने चरम पर थी, अचानक तेज लू लगने के कारण एक बैल की तबीयत बिगड़ गई। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बैल ने खड़े-खड़े ही दम तोड़ दिया और वह जमीन पर गिर गया। नवतपा की इस भीषण दोपहर में हुई इस अचानक घटना से बैल बाजार में हडक़ंप मच गया और वहां मौजूद अन्य पशुपालक व ग्रामीण सहम गये। वहीं अचानक स्वस्थ बैल की बैल बाजार में मौत हो जाने से अन्य मवेशी मालिक भी कुछ देर के लिए घबरा गये क्योंकि लालबर्रा क्षेत्र सहित अन्य विकासखण्ड के लोग भी अपने बैलों को बेचने एवं खरीदने के लिए बैल बाजार में आये थे। लेकिन नौतपा के चौथे दिन सुबह से लेकर शाम तक पड़ी चिलचिलाती धुप से हर कोई हलाकान होते नजर आये और धुप के चलते वे अपने मवेशी को लेकर चिंतित थे कि कही तेज धुप में उनका मवेशी बीमार न हो जाये। वहीं पीडि़त कृषक अजबलाल कावरे ने भावुक मन और रूआंसे गले से बताया कि वे घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने बैलों को बेचने आये थे, लेकिन इस अप्रत्याशित हादसे ने उन्हें पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। मृत बैल की अनुमानित कीमत लगभग १५ से २० हजार रूपये बताई जा रही है। इस घटना से गरीब किसान पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है और उसे भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पीडि़त गरीब किसान को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं इस घटना के बाद से क्षेत्र के पशुपालकों में डर का माहौल है। पशु चिकित्सकों ने भी इस भीषण गर्मी और नवतपा को देखते हुए मूक पशुओं को दोपहर के समय धूप में न निकालने और उन्हें पर्याप्त पानी व छांव में रखने की सलाह दी है।

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