Nepal Cabinet Salary Donation: नेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रधानमंत्री और सभी कैबिनेट मंत्रियों ने अपना एक महीने का वेतन आपदा राहत कोष में देने का फैसला किया है। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों और व्यापारियों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की गई है।Nepal Cabinet Salary Donation: नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा और भीषण बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस मुश्किल घड़ी में बाढ़ पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़े होने के लिए नेपाल की सरकार ने एक सराहनीय और बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया कि देश के प्रधानमंत्री और सभी कैबिनेट मंत्री अपना एक महीने का पूरा वेतन ‘प्रधानमंत्री प्राकृतिक आपदा राहत कोष’ में जमा कराएंगे।
काठमांडू पोस्ट के मुताबिक इस राशि का इस्तेमाल बाढ़ से प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने में किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित रसुआगाढ़ी, भोटेकोशी नदी के तटीय इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के कारण कई घर, व्यापारिक प्रतिष्ठान और इंफ्रास्ट्रक्चर बह गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।सुरक्षा बल और राहत एजेंसियां बचाव और राहत कार्यों में जुटीं
प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बल और राहत एजेंसियां लगातार बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। बाढ़ के नुकसान का जायजा लेते हुए कैबिनेट ने अर्थ मंत्रालय को निर्देश दिए हैं कि वह प्रभावित व्यक्तियों और कारोबारियों के लिए एक विशेष राहत, रियायती लोन और पुनर्वास पैकेज तैयार करे। इस पैकेज का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करना है जिनका सब कुछ इस आपदा में बह गया है।
देश के किसानों के हित में भी एक बड़ा फैसला
इसी बैठक में सरकार ने देश के किसानों के हित में भी एक बड़ा फैसला लिया। फसल की बुआई का सीजन पास आते देख कृषि सामग्री कंपनी लिमिटेड को भारत से सरकारी स्तर (G-to-G) पर 25,000 मीट्रिक टन डीएपी (DAP) खाद खरीदने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इससे समय पर किसानों को पर्याप्त खाद मिल सकेगी और खेती-किसानी पर बाढ़ का कम से कम असर पड़ेगा। नेपाल सरकार के इन फैसलों की चौतरफा सराहना हो रही है। मंत्रियों द्वारा खुद आगे बढ़कर वेतन दान करना यह दर्शाता है कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए बेहद गंभीर है।










































