पानी के लिए हाहाकार

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वैश्विक महामारी के बीच पठार क्षेत्र मे जलसंकट गहराता जा रहा है,जो किसानों के लिये चिंता का सबब बना हुआ है।जिससे निजात पाने के लिए मप्र और महाराष्ट्र सीमा के दोनों ओर बसे कई गावो के ग्रामीणों ने कि बावनथड़ी नदी मे ‘राजीव सागर बांध’ का पानी छोड़ने की मांग की है।

  पठार क्षेत्र की जीवनदायिनी बावनथड़ी नदी पर मध्यप्रदेश एंव महाराष्ट्र राज्य के द्वारा सामुहिक रुप से बांध का निर्माण किया गया था,जिस महत्वाकांक्षी परियोजना से वर्ष 2012 से दोनों राज्यों की लाखों हेक्टर भूमी की सिंचाई नहरों के माध्यम से की जाती है,लेकीन बावनथड़ी नदी पर उपरी भाग मे बांध का निर्माण होने से निचले भाग मे नदी की प्रवाहित जलधारा दिसंबर माह मे ही सुख जाती है,जिसके कारण भीषण गर्मी मे बावनथड़ी नदी मे स्थित समस्त जलस्त्रोंतों का जलस्तर काफी गहराई मे चला जाता है,जिससें नदी किनारे पर बसें दोनों राज्यों तकरिबन आधा सैकड़ा गावों मे इसका प्रभाव देखने को मिलता है!

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