वॉशिंगटन: फ्रांस में इस हफ्ते होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात होने वाली है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या मोदी, ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी हमले में मारे गये तीन भारतीय नाविकों को लेकर सवाल उठाएंगे? अमेरिका ने अभी तक भारतीय नाविकों की हत्या पर माफी नहीं मांगी है उल्टा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत को धमकाया ही है। दूसरी तरफ भारतीय नाविकों की मौत पर भारत में भारी गुस्सा है और अमेरिका के रवैये पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिकी एक्सपर्ट डेरेक जे. ग्रॉसमैन जो यूएससी डॉर्नसाइफ के प्रोफेसर हैं और एशिया मामलों के जानकार हैं उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बयान पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर अमेरिका, भारत का कैसा दोस्त है? डेरेक जे ग्रॉसमैन ने भी रुबियो के जवाब का एनालिसिस करते हुए कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा ‘रुबियो के शब्द बहुत बेतुके थे और इससे US के खिलाफ भावना और भड़केगी।’ ग्रॉसमैन ने द गार्जियन की एक रिपोर्ट में कहा ‘उन्होंने भारत की जान जाने पर दुख भी नहीं जताया। ट्रंप का अमेरिका भारत के लिए कुछ ‘दोस्त’ है।’










































