पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मदनपुर में इन दिनों किसान और ग्रामीण जंगली सूअरों के बढ़ते आतंक से बेहद परेशान हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि किसानों का अपने ही खेतों में अकेले जाना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। जंगली सूअर ना केवल फसलों को बेरहमी से नष्ट कर रहे हैं बल्कि इंसानों पर भी जानलेवा हमला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों के द्वारा इस गंभीर समस्या को लेकर वन विभाग को लिखित शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है लेकिन वर्तमान तक विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
आगामी खरीफ सीजन को लेकर सता रहा डर
प्राप्त जानकारी के अनुसार मदनपुर और आसपास के इलाकों में जंगली सूअर किसानों के लिए एक बड़ी जी का जंजाल बन चुके हैं। वर्तमान में गर्मी का दौर चल रहा है जिसमें रबी की फ सल धान, गेहूं, चना, अलसी, सरसों आदि की कटाई और गहाई के काम में सूअरों का झुंड खेतों में दौडक़र फ सलों को पैरों तले रौंदकर और जमीन खोदकर खाता रहा है। जिससे किसानों की मेहनत की गाढ़ी कमाई मिट्टी में मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में सूखा समय होने के कारण इन जंगली सूअरों ने गांवों के पास स्थित तालाबों डबरियों और नालों के पास की झाडिय़ों में अपना पक्का ठिकाना बना लिया है। जैसे ही खेतों में नई फ सल लगती है इनकी उपस्थिति चौबीसों घंटे वहां बनी रहती है। किसान अभी से चिंतित हैं कि दो महीने बाद जब खरीफ धान का मुख्य सीजन शुरू होगा तब यह समस्या और अधिक विकराल रूप ले लेगी। यदि समय रहते इनका समाधान नहीं किया गया तो आगामी सीजन में खेती करना नामुमकिन हो जाएगा। यह समस्या सिर्फ फसलों के नुकसान तक सीमित नहीं है बल्कि अब यह इंसानी जान पर बन आई है। ग्राम मदनपुर में जंगली सूअरों ने दो ग्रामीणों पर अचानक हमला कर दिया था जिसमें वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे। इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और कोई भी किसान अकेले अपने खेत की तरफ जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। चूंकि वर्तमान में ग्रीष्मकाल के कारण खेत खाली हैं और सूखा समय है इसलिए मदनपुर के किसानों ने वन विभाग से मांग की है कि अधिकारी और मैदानी अमला तत्काल जंगली सूअरों को खेती वाले क्षेत्र से खदेडक़र वापस घने जंगलों की तरफ भेजे। ताकि आगामी खरीफ सीजन में किसानों को बड़ी राहत मिल सके और किसी भी अप्रिय जनहानि को रोका जा सके।
जंगली सूअर के आतंक से किसान बहुत परेशान है- सदन मानेश्वर
सदन मानेश्वर ने बताया कि जंगली सूअर बहुत परेशान करती है खेतों के तरफ दौड़ती रहती है इनकी संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। यह किसी एक छोर पर नहीं चारों तरफ फैली हुई है और अपना स्थाई ठिकाना भी इन्होंने बना रखा है। वन विभाग को इसकी शिकायत भी करे थे परंतु आज तक कुछ नहीं हुआ है पिछले करीब ५ वर्षों से यह स्थिति खेतों के तरफ बनी हुई है। किसान खरीफ और रबी में जो भी फ सल लगाता है उसे यह नुकसान पहुंचती है तो वहीं व्यक्ति को भी जान का डर लगा रहता है। महिलाएं खासतौर कर अकेले खेत नहीं जा पाती है वन विभाग को यह जंगली सूअर को खदेडऩा चाहिए।
जंगली सूअर से किसानों की फसल होती है प्रभावित-श्याम मात्रे
श्याम मात्रे ने बताया कि हमारे यहां जंगली सूअर का आतंक है बारिश होती है तो खेतों में इनका डेरा रहता है। अभी तालाब और नाले के किनारे में यह रहती है अभी गर्मी के मौसम में भी हम खेत नहीं जा पाते हैं। हम शिकायत करते हैं कोई असर नहीं होता है जंगली सूअर से दो व्यक्ति पहले ही घायल हो चुके हैं वह भी खेत काम करने गए थे। हमारा यह जो घर है उसके पीछे खेत है उसमें जंगली सूअर के बच्चे थे अभी सुखे समय है तो इन्हें भागना चाहिए ताकि बाद में होने वाले नुकसान से हम बच सके। क्योंकि यह खेतों में धान की फ सल को रौंदती है उसकी बाली को खा जाती है अदरक गुइया जो भी फ सल लगती है उसे यह खोदकर बर्बाद कर देती है। ५ वर्ष से अधिक का समय हो गया है दिक्कत हर किसान को है अभी खाली समय है तो इन्हें यहां से भगाया जाना चाहिए। यदि हम जंगली सूअर को कुछ करेंगे तो वन विभाग वाले हमें जेल भेज देंगे मगर उसको क्यों नहीं खदेड रहा पता नहीं।










































