बीजिंग: चीन ने पाकिस्तान की नौसेना को पनडुब्बियां सौंपनी शुरू कर दी है। पाकिस्तान ने 8 पनडुब्बियां खरीदने के लिए सौदा किया था और पिछले महीने के अंत में पहली पनडुब्बी सौंपी गई है। पाकिस्तान के नेता जब भी चीन की यात्रा करते हैं तो उनके कार्यक्रमों को भव्य रखा जाता है। जाहिर तौर पर भारत को वो तस्वीरें दिखाना मकसद होता है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पिछले महीने के अंत में बीजिंग की यात्रा एक हफ्ते के लिए की थी और इसी दौरान चीन ने पनडुब्बी सौंपी है। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में चीनी एक्सपर्ट्स ने एक से बढ़कर एक गप्पें हांकी हैं और भारत को धमकाने की कोशिश की है।
राष्ट्रपति जरदारी के साथ पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ भी थे जो इस पनडुब्बी को लेने के लिए सान्या में एक नौसैनिक बंदरगाह पर गए। यह पनडुब्बी 2015 में हुए आठ पनडुब्बियों के एक समझौते का हिस्सा है जिसकी कीमत लगभग 5 अरब डॉलर है और इसे ‘4+4 मॉडल’ के तहत तैयार किया गया है। इसके तहत चार पनडुब्बियां चीन में और चार पनडुब्बियां पाकिस्तान में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर समझौते के तहत बनाई जा रही हैं। S26P में पानी के अंदर ज्यादा समय तक टिके रहने की क्षमता बढ़ाने के लिए एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि यह टॉरपीडो, एंटी-शिप मिसाइल और बाबर-3 सबमरीन-लॉन्च्ड क्रूज़ मिसाइल ले जाने में सक्षम है जिससे पाकिस्तान की समुद्र-आधारित प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी।










































