रस्सी के सहारे सुरक्षित निकाले गए एक दर्जन से अधिक युवक.युवती, टला बड़ा हादसा
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत रमरमा स्थित पेंदीटोला महादेव पहाड़ी पर एक बड़ा हादसा होते होते दर्शानार्थी बाल बाल दर्शानार्थी बच गये। झरने में अचानक जलस्तर और बहाव तेज होने के कारण दूसरे छोर पर गए एक दर्जन से अधिक युवक युवती तेज धारा के बीच फंस गए। गनीमत यह रही कि स्थानीय ग्रामीणों की मुस्तैदी और तत्परता से रस्सी के सहारे सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि इस घटना ने एक बार फि र रमरमा के इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के अभाव को उजागर कर दिया है।
बारिश से अचानक बढ़ा पानी थम गई पर्यटकों की सांसें
प्राप्त जानकारी के अनुसार २६ अगस्त की शाम लगभग ४ बजे बाहर से आए करीब १२ से अधिक युवक युवतियां महादेव पहाड़ी स्थित झरने को पार कर दूसरे छोर पर प्रकृति का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान ऊपरी क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण झरने में अचानक जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। रास्ता बंद हो जाने से सभी पर्यटक वहीं फ ंस गए। झरने के पास मौजूद अन्य यात्रियों ने तत्काल इसकी सूचना ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए रस्सी के सहारे जान जोखिम में डालकर सभी फंसे हुए युवक युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों की इस सतर्कता से एक बड़ी अनहोनी टल गई अन्यथा तेज बहाव में बहने से बड़ा हादसा हो सकता था।
आस्था के केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था नदारद
पेंदीटोला स्थित महादेव पहाड़ी स्थानीय लोगों के लिए सदैव आस्था का प्रमुख केंद्र रही है। यहां प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि और मकर संक्रांति पर विशाल मेला लगता है। हालांकि कोरोना काल के बाद से यह स्थान केवल स्थानीय ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिलों और महाराष्ट्र तक में काफ ी प्रसिद्ध हो चुका है। वर्तमान में सावन माह के बाद से ही प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं मनोरम झरने का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद इतने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। घटना के समय सुरक्षा बलों या किसी जिम्मेदार कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
उठ रहे गंभीर सवाल सुरक्षा प्रबंधों की मांग
प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठाने पहुंचे पर्यटकों की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी कई बार जानलेवा साबित हो चुकी है। बार बार चेतावनी के बावजूद लोग गहरे पानी और खतरनाक स्थानों पर जाने से बाज नहीं आ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार विभाग भी हादसे का इंतजार करता नजर आ रहा है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग है कि झरने और पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर भीड़ को नियंत्रित करने और खतरे वाले क्षेत्रों में जाने से रोकने के लिए पुलिस या होमगार्ड के जवान तैनात किए जाएं खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
रमरमा पहाड़ी पर पुलिस की मुस्तैदी बहुत जरूरी है- देवीप्रसाद गौतम
देवी प्रसाद गौतम ने बताया कि रमरमा देवस्थान है वहां पर भीड़ हो रही है दर्शन करने के लिए दर्शनार्थी बड़ी मात्रा में जा रहे हैं। इसमें जिले व आसपास के लोग अधिक है मौके पर पुलिस या समिति की व्यवस्था होनी चाहिए कि पानी कितना है कि स्तर का है यह आगामी समय में एक बड़ी दुर्घटना का कारण हो सकते हैं। वहां आने जाने की व्यवस्था भी देखनी चाहिए कल कुछ लोग झरने के दूसरे तरफ जाकर फस गए थे उन्हें ग्रामीणों ने रस्सी के सहारे बाहर निकाल झरने में जलस्तर बढ़ गया था। यदि ग्रामीण समय पर सहयोग नहीं करते तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। श्रावण मास प्रारंभ होते ही यहां भीड़ बढ़ गई है प्रतिदिन २००० से अधिक लोग वहां पर आ रहे हैं। व्यवस्था के नाम पर समिति ने वहां थोड़ा बहुत प्रयास किया हैं परंतु पुलिस को वहां पर ड्यूटी लगाना चाहिए।
इनका कहना हैं
दूरभाष पर बताया की रमरमा देवस्थान हमारे संज्ञान में है और कल की घटना भी हमें पता चली भीड़ बढ़ेगी। इसलिए वहां पर पुलिस बल लगाया जायेगा।
अनूप कुमार उइके थाना प्रभारी वारासिवनी










































