लवीश चौधरी की फर्जी कंपनियों का शिकार हुए रिजवान अली ने लगाया गंभीर साजिश और प्रताडऩा का आरोप

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। ग्राम वारा के पूर्व सरपंच रिजवान उर्फ राजा अली ने एक बड़े निवेश घोटाले में मोहरा बनाकर झूठे मामलों में फंसाने और छवि धूमिल करने का एक गंभीर आरोप लगाया है। पीडि़त व्यवसायी जब इस संबंध में अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराने वारासिवनी थाने पहुंचे तो पुलिस द्वारा उनकी शिकायत लेने से साफ इनकार कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सैयद रिजवान अली ने लिखित आवेदन में बताया कि वे स्वयं लवीश चौधरी उर्फ नवाब अली एवं उसके सहयोगियों के द्वारा संचालित कथित निवेश कंपनियों वाय एफ एक्सए वोट ब्रोए बोट अल्फा कास मार्केट आदि की धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। लवीश चौधरी ने प्रति माह ५ से १० प्रतिशत लाभांश का प्रलोभन देकर नगर के अनेक लोगों सहित रिजवान अली से भी लाखों रुपये का निवेश आरटीजीएस के माध्यम से कराया था। शुरुआती एक.दो महीने लाभांश देने के बाद कंपनी अचानक बंद हो गई। जिसके खिलाफ पहले ही कई शिकायतें दर्ज हैं और मामला उच्च न्यायालय में भी लंबित है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नरेंद्र रंगारे निवासी सम्राट नगर वारासिवनी और कांता ठाकरे निवासी डोंगरमाली के द्वारा द्वेष भावनापूर्ण तरीके से उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उनकी सामाजिक व राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अनावेदकों के द्वारा पुलिस थाना वारासिवनी में उनके खिलाफ इस आशय की झूठी शिकायत की गई है कि उन्होंने पैसे हड़प लिए हैं जबकि हकीकत यह है कि अनावेदकों की कोई भी राशि रिजवान के माध्यम से निवेश नहीं की गई थी। अनावेदकों ने अन्य माध्यमों से सीधे कंपनी में निवेश किया था लेकिन अब वे दुर्भावनापूर्ण रूप से अवैध वसूली करने और उन पर मानसिक दबाव बनाने के लिए पुलिस का सहारा लेकर प्रताडि़त कर रहे हैं। रिजवान अली अपनी सुरक्षा और न्याय की गुहार लेकर वारासिवनी थाने पहुंचे तो पुलिस प्रशासन ने उनका शिकायती पत्र स्वीकार करने तक से मना कर दिया। पीडि़त ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जाए ताकि उनके खिलाफ की जा रही इस झूठी और साजिशपूर्ण शिकायत पर रोक लगाई जा सके।

मैं खुद लविश चौधरी की धोखाधड़ी का शिकार हूँ -रिजवान अली

रिजवान अली ने चर्चा में बताया कि अभी कुछ दिनों से मेरे खिलाफ षडयंत्र पूर्वक शिकायत कर मेरी छवि धूमिल कर फसाने का प्रयास कर रहे हैं। मैं लविश चौधरी की कंपनी जो दुबई से चलती थी जिसमें पूरे भारत में निवेश हुआ मुनाफा मिला फि र बंद हो गया इस दौरान निवेशक आपस में चर्चा करते थे तो हम अपना अनुभव सांझा करते थे। मुनाफ ा आना बंद होने पर निवेशक जो शिकायत कर रहे हैं इसमें से कई लोगों से तो मेरा संपर्क भी नहीं है । उन्होंने मेरी शिकायत की जब फोन पर पूछा गया तो बताया कि कोई लेना देना नहीं है। कई नाम इन्होंने बहार के डाले हैं ऐप बनाना बहुत मुश्किल है यदि मैंने कुछ बनाया था तो उसका नाम बताएं सभी लविश चौधरी के ऐप है एसआईटी में दर्ज है और भारत के हर जिले में इसकी शिकायत है। मैं व्यक्तिगत खाते में कभी लेनदेन नहीं किया सभी ने लविश चौधरी के खाते में रुपए दिए और स्वयं के खाते में लाभ लिया। वर्तमान में बिना लिखा पड़ी १० हजार रूपये कोई नहीं देता है इन्होंने लाखों रुपए दे दिए। एक अशिक्षित महिला जो एंड्राइड मोबाइल नहीं चला सकती है वह क्रिप्टो और फॉरेक्स में ट्रेड करेगी सोचने वाली बात है। मैं उसे जानता पहचानता तो नहीं यह जांच का विषय है कि वह किस से प्रेरित है हम थाने आए थे उनकी जांच के लिए हमने नाम लिखा है। उस मां के साथ मेरी सिंपैथी है पर प्लांट करना वह बताएगी शिकायत देने के लिए मैं आया तो कहा कि जांच चल रही है। मानहानि के लिए आप न्यायालय जाए मेरे पास सारे साक्ष्य है। शिकायत में बाहर के व्यक्तियों के नाम डाले गए हैं कई लोगों ने शिकायतें भी उठाई है की राजा अली से हमारा कोई लेना.देना एवं संपर्क नहीं है। एक माहौल बनाने का प्रयास है की कोई भी निवेशक हो वह राजा अली के नाम से शिकायत करें तो पैसा उसका मिलेगा यह भ्रम फैला रहे हैं।

बाइट रिजवान अली पूर्व सरपंच

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