तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में अभी तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। ट्रंप के लिए इज्जत बचाकर ईरान युद्ध से बाहर निकलना अत्यंत जरूरी है। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं और जनता ईरान युद्ध का हिसाब किताब मांग रही है। दूसरी तरफ इसका सबसे ज्यादा फायदा पाकिस्ता को हो रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर पाकिस्तान में अपनी सत्ता और मजबूत कर रहे हैं। लेकिन असल सवाल ये है कि पाकिस्तान और ईरान जो एक दूसरे पर कभी भरोसा नहीं करते उनमें ऐसी जुगलबंदी दिखने की क्या वजह है।
ऑब्ज़र्वर रिसर्च फ़ाउंडेशन मिडिल ईस्ट के कबीर तनेजा ने हिंदुस्तान टाइम्स में लिखा है कि ईरान शिया देश है और पाकिस्तान परमाणु हथियार वाला सुन्नी देश। ईरान परमाणु बम बनाना चाहता है और इसीलिए इजरायल-अमेरिका ने उसपर हमला किया था। ईरान दशकों से एक शक्तिशाली इस्लामिक देश बनकर मुस्लिम उम्मा का नेता बनना चाहा है जबकि पाकिस्तान का ध्यान हमेशा से भारत पर रहा है। भले ही ईरान और पाकिस्तान के बीच कभी पूर्ण युद्ध नहीं हुआ है लेकिन दोनों एक दूसरे के ऊपर हमला करते रहे हैं।










































