पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत उमरवाड़ा में अनियमितताओं का एक बड़ा मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि न्यायालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालाघाट के द्वारा जांच में अनियमित्ता सिद्ध पाए जाने और सरपंच व सचिव पर लाखों रुपये की वसूली यानि रिकवरी अधिरोपित किए जाने के बाद भी उच्च अधिकारी उन्हें पद से हटाने के बजाय संरक्षण देने में जुटे हैं। शिकायतकर्ता और ग्राम पंचायत उमरवाड़ा की उपसरपंच श्रीमती भुरकन गोंडगे ने ग्रामीणों के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत वारासिवनी और जिला पंचायत बालाघाट को लिखित पत्र सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत कोर्ट द्वारा विभिन्न कार्यों में वित्तीय गड़बड़ी पाए जाने पर सरपंच श्रीमती पूनम प्रवीण पाण्डेय और सचिव सुरेश कुंभलवार के खिलाफ भारी भरकम रिकवरी के आदेश जारी किए गए हैं लेकिन धरातल पर अब तक कोई सख्त कार्यवाही नहीं हुई है।
कागजों पर जांच और जनसुनवाई का मखौल
शिकायत में उल्लेखित है कि बालाघाट में हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में जिला कलेक्टर के द्वारा मार्किंग किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। उमरावड़ा पंचायत से जुड़ी दर्जनों शिकायतें पिछले एक साल से अधिक समय से लंबित हैं। एक ही शिकायत की जांच तीन तीन अलग अलग अधिकारियों से कराई जा चुकी है और शिकायतकर्ताओं के द्वारा लिखित साक्ष्य सौंपे जाने के बाद भी मामले को रफा.दफ ा करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान सत्र में कराए गए किसी भी कार्य का आज तक फ ाइनल मूल्यांकन नहीं कराया गया है। नवीन नल जल योजना जो आधी अधूरी है लेकिन कागजों पर सही दिखाई गई है। ढोरफ ोड़ी परकोलेशन टैंक, ग्रेवल सडक़ निर्माण, रानतालाब पर सुलुस गेट निर्माण जैसे कार्यों में फर्जी बिल वाउचर लगाकर राशि आहरित की गई है। इसके अतिरिक्त बिना वेंडर के चहेती दुकानों से सामग्री क्रय करना, ग्राम सभा की बैठकें ना बुलाना और सरपंच का लगातार कार्यस्थल से अनुपस्थित रहना आम बात हो चुकी है। लगातार मिल रहे राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक ढुलमुल रवैए से नाराज उपसरपंच और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मध्य प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम की धारा ४० के अंतर्गत सरपंच और सचिव को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक किया जायें । उनके वित्तीय आहरण एवं वितरण अधिकारों पर तत्काल रोक लगाई जाए। यदि ऐसा नहीं होता हैं तो उपसरपंच श्रीमती भुरकन गोडगे ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अनियमित्ता पर अंकुश नहीं लगाया गया और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे शासन प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन और भूख हड़ताल पर बैठने के लिए विवश होंगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इन कार्यों में पाई गई वित्तीय अनियमितता और रिकवरी
अधिकारियों की जांच और आदेशों के अनुसार ग्राम पंचायत ने कार्यों में जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जिसकी वसूली राशि तय की जा चुकी है । की उमरावड़ा से सिंगोड़ी मार्ग मस्ट्रोल में २१०१२ रूपये की रिकवरी, प्राथमिक/माध्यमिक स्कूल गेट निर्माण में ८०५० रूपये की रिकवरी, साफ. सफ ाई कार्य में ५३००० रूपये की रिकवरी, सडक़ बत्ती स्ट्रीट लाइट कार्य में १०६००० रूपये की रिकवरी, उमरावड़ा से कंहार मार्ग ग्रेवल सडक़ निर्माण में १९३००० की रिकवरी जिला पंचायत बालाघाट के द्वारा आदेश जारी कर अधिरोपित की गयी हैं।
हमे न्याय चाहियें वरना उग्र आंदोलन होगा-भूरकन गोडगे
शिकायतकर्ता भूरकन गोडगे ने बताया की हमारे ग्राम उमरवाड़ा में भारी अनियमित्ता चल रही है। बहुत रिकवरी भी निकल रही है जिला पंचायत के आदेश से यह रिकवरी साबित हो रही है पर जिला पंचायत सीईओ कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। वह लगातार सरपंच और उसकी अनियमित्ता को बढ़ावा दे रहे हैं अभी तक ६ आदेश सरपंच पूनम पांडे के नाम से हुए हैं। हम न्याय जा रहे हैं की धारा ४० में सरपंच को हटाया जाए।
पांच आदेश पर भी कार्यवाही ना होना दुर्भाग्य है हम हाईकोर्ट जाएंगे-के के पांडे
के के पांडे ने बताया कि ग्राम में होने वाली अनियमित के खिलाफ लोगों में आक्रोश व्याप्त है। जिला सीईओ ने यह आदेश दिए हैं फि र भी सरपंच को पद पर बनाए रखना न्यायोचित नहीं है। कहीं ना कहीं कार्यवाही में हमें शंका परिलक्षित हो रही है। नल जल योजना हमारे यहां ९३ लाख रुपए की थी इसमें सरपंच पूनम पांडे ने फ र्जी प्रस्ताव लिया पानी मिलने का ऐसा फर्जी प्रस्ताव को प्रशासन दबा रहा है ,इससे जिला प्रशासन की मिली भगत भी दिख रही है। हमने देखा है एक आदेश पर धारा ४० लगा दी जाती है यहां तो पांच आदेश पर भी कार्यवाही ना होना दुर्भाग्य है हम हाईकोर्ट जाएंगे।
नल जल का प्रस्ताव सरपंच ने बिना क्रमांक और तारीख के फर्जी रूप से तैयार कर योजना को हैंडोवर लिया – चंदनलाल टेंभरे
पूर्व उपसरपंच चंदनलाल टेंभरे ने बताया की हमारे यहां सरपंच पूनम प्रवीण पांडे है उनके काम की हमने शिकायत जिला कलेक्टर जिला सीईओ को की थी। उसमें पांच रिकवरी आदेश हुए हैं फि र भी प्रशासन इस पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। एक नल जल का प्रस्ताव सरपंच ने बिना क्रमांक और तारीख के फर्जी रूप से तैयार कर योजना को हैंडोवर लिया। जबकि उस योजना से पानी नहीं मिल रहा है पुरानी योजना से आज भी अधिकतर लोग पानी पी रहे हैं। वहीं सामुदायिक भवन आज भी निर्माणधीन है कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं। इस प्रकार की उदासीनता ठीक नहीं है यदि सरपंच योग्य नहीं है तो उसे हटाया जाना चाहिए।










































