पद्मेश न्यूज लालबर्रा। जनपद पंचायत लालबर्रा के सीईओं चंदरसिंह मंडलोई का झाबुआ, पीसीईओं खिलेन्द्र सोनवंशी का परसवाड़ा स्थानांतरण होने एवं प्रकोष्ठ प्रभारी एसआर नगपुरे, पाथरी सचिव शंकरलाल मात्रे के सेवानिवृत्त होने पर जनपद पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में जनपद के अधिकारी-कर्मचारी एवं सचिवों के द्वारा मंगलवार को विदाई समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद सीईओं चंदरसिंह मंडलोई सहित अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति में प्रारंभ हुआ। जिसमें सर्वप्रथम उपस्थितजनोंं ने माँ सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया। विदाई समारोह के अवसर पर जनपद पंचायत लालबर्रा के सीईओं चंदरसिंह मंडलोई ,पीसीईओं खिलेन्द्र सोनवंशी एवं सेवानिवृत्त जनपद के प्रकोष्ठ प्रभारी एसआर नगपुरे, पाथरी सचिव शंकरलाल मात्रे का उपस्थित कर्मचारियों ने तिलकवंदन, शाल, श्रीफल एवं उपहार भेंट कर उनके उज्जवल भविष्य और सुखद जीवन की कामना की गई। वहीं कर्मचारियों ने स्थानांरित हुए अधिकारी एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कार्यकाल की सराहना करते हुए सीईओं श्री मंडलोई और पीसीईओं खिलेन्द्र सोनवंशी के नये कार्यस्थल पर उत्कृष्ट कार्य करने हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की है। आपकों बता दे कि जनपद सीईओं चंदरसिंह मंडलोई ने लालबर्रा जनपद पंचायत में ३ वर्ष तक सराहनीय सेवाएं दी है। अब उनका स्थानांतरण झाबुआ हो गया है। पीसीईओं खिलेन्द्र सोनवंशी ने लालबर्रा जनपद में २१ वर्ष तक अपनी सेवाएं दी है। जिनका स्थानांतरण परसवाड़ा हुआ है। वहीं प्रकोष्ठ प्रभारी एसआर नगपुरे ने ३५ साल की दीर्घकालिक सेवा देने के बाद ६२ वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए है। सचिव शंकरलाल मात्रे पाथरी सचिव पद से अपनी शासकीय सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए है। साथ ही तीनों कर्मचारियों का कार्यकाल बेहतर शानदार रहा है। उन्होने हमेशा शासकीय योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर पात्र हितग्राहियों को लाभांवित किया है।
आपसी समन्वय से करें काम – सीईओं मंडलोई
विदाई समारोह को संबोधित करते हुए निवर्तमान सीईओ चंदरसिंह मंडलोई ने कहा कि शासकीय सेवा में स्थानांतरण एक निरंतर प्रक्रिया है। लालबर्रा में सभी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करने का अनुभव बेहद सुखद और यादगार रहा। उन्होंने अपील की कि सभी कर्मचारी भविष्य में भी इसी तरह आपसी समन्वय बनाकर काम करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के पात्र व्यक्तितक पहुँच सके।









































