रियाद: ईरान और अमेरिका के बीच हुए ज्ञापन समझौते में होर्मुज स्ट्रेट पर जो तय किया गया है, उससे सऊदी अरब नाराज हो गया है। सऊदी सरकार की नाराजगी उस प्वाइंट से है, जो कहता है कि दो महीने के बाद ईरानी अधिकारी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलेगा। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने कहा है कि होर्मुज की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। इस समुद्री गलियारे से जहाजों की आवाजाही फ्री रहनी चाहिए।
प्रिंस फैसल बिन फरहान से एक इंटरव्यू में सवाल किया गया था कि 60 दिन के बाद ईरान के होर्मुज में टोल लगाने की व्यवस्था को वह कैसे देखते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन संघर्ष (ईरान पर 28 फरवरी के हमले से पहले) से पहले ठीक-ठाक चल रहा था। इसमें कोई समस्या नहीं थी। हम वैसी ही व्यवस्था में वापस जा सकते हैं।कोई टोल सिस्टम ना थोपा जाए’
फैसल बिन फरहान का कहना है कि ईरान युद्ध से पहले आसानी से होर्मुज से जहाज आ-जा रहे थे। सुरक्षा या पर्यावरण से जुड़ी कोई समस्या नहीं थी और कोई टोल जैसी बात नहीं था। हम किसी संघर्ष की वजह से कोई नई व्यवस्था क्यों स्वीकार करें, जो हम पर थोपी जा रही हो। मुझे तो यह बात समझ नहीं आती है।









































