बड़वानी: मप्र के बड़वानी जिला मुख्यालय से सटे ग्राम आमलिया पानी में ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए भूमि आवंटन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को सड़कों पर दिखाई दिया। ग्राम सभा की अनुमति और सहमति के बिना भूमि आवंटित किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने तहसीलदार हितेंद्र भावसार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रतीकात्मक पुतले की चप्पलों और पत्थरों से पिटाई कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने ग्राम सभा की स्वीकृति लिए बिना ही ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए भूमि चिन्हित कर नगर पालिका को आवंटित कर दी है। इस निर्णय से पूरे गांव में नाराजगी का माहौल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि गांव के निकट कचरा निस्तारण केंद्र बनाया गया तो पर्यावरण प्रदूषित होगा और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ेंगे।
ग्रामीण पूनमचंद राठौर ने आरोप लगाया कि तहसीलदार ने ग्राम सभा की अनुमति के बिना नगर पालिका को भूमि आवंटित कर दी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की मौजूदगी में संबंधित भूमि पर कब्जा दिलाया गया और पहाड़ी क्षेत्र में निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध दर्ज कराने पर तहसीलदार ने ग्राम सरपंच से अभद्र व्यवहार किया तथा धमकाने का प्रयास किया।
पेसा एक्ट के उल्लंघन का आरोप
ग्रामीण रमेश ने कहा कि ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी करते हुए पेसा एक्ट सहित अन्य नियमों का उल्लंघन किया गया है। उनका आरोप है कि गांव की चारागाह एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि को कचरा निस्तारण केंद्र के लिए आवंटित किया गया है, जिससे क्षेत्र का वातावरण दूषित होगा और जनस्वास्थ्य प्रभावित होगा।










































