किताबों और ग्लोब के नक्शों पर खिंची जिस ‘कर्क रेखा’ (ट्रोपिक ऑफ केंसर) को हम सब बचपन से पढ़ते आ रहे हैं, रविवार को वह केवल भूगोल का पाठ नहीं रही, बल्कि एक अद्भुत और जीवंत मेले में तब्दील हो गई।रायसेन जिले के सुप्रसिद्ध कर्क रेखा स्थल पर साल का सबसे अनोखा खगोलीय चमत्कार ‘नो शैडो डे’ देखने के लिए सैकड़ों सैलानियों का हुजूम उमड़ पड़ा। मौका था जब कुछ पलों के लिए सूरज ने इंसानी परछाई को ही गायब कर दिया। इस जादुई और दुर्लभ पल को अपनी आंखों से देखने और कैमरों में कैद करने के लिए लोग बेताब नजर आए।










































