कौन हैं भारत को जीत से वंचित करने वाले सोनल दिनुशा, बहन ने पैसे उधार लेकर खरीदा था पहला बल्ला, फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी

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Story Of Batsman Sonal Dinusha: टीम इंडिया को कोलंबो टेस्ट मैच में ऐतिहासि शतकीय पारी के दम पर जीत से दूर कर देने वाले सोनल दिनुशा एक शानदार क्रिकेटर बनने की राह पर निकल पड़े हैं। पूरी दुनिया में उनकी तारीफ हो रही है, लेकिन क्या आपको पता है कि इस खिलाड़ी को यहां तक पहुंचने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा।भारत को दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में जीत से वंचित करने वाले श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुशा को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा और यहां तक कि उनके लिए पहला बल्ला उनकी बहन ने पैसे उधार लेकर खरीदा था। यह क्रिकेटर अपने खेल के प्रति कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्होंने दूसरे टेस्ट में भारत की संभावित जीत को अकेले दम पर टालने के कुछ ही घंटों के भीतर नेट पर अभ्यास करना चाहा। जश्न मनाना उस श्रीलंकाई खिलाड़ी के लिए कोई मायने नहीं रखता था, जिन्होंने अपने जीवन की कठोर वास्तविकताओं से ध्यान हटाने के लिए खेल को चुना था।

दिनुशा ने भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में तीन शतकों की मदद से 420 रन बनाए। पांच टेस्ट मैच खेल चुके इस ऑलराउंडर का प्रदर्शन दोनों मैच में लाजवाब रहा। उनके लिए हालांकि यहां तक का सफर आसान नहीं रहा था। उन्हें पहला बल्ला उनकी बहन ने उपहार में दिया था। परिवार की आर्थिक तंगी के कारण उनकी बहन ने उधार लेकर उनके लिए बल्ला खरीदा था।

दिनुशा के भरोसेमंद कोच अशान प्रियंजन ने पीटीआई से कहा, “उसे बास्केटबॉल में दिलचस्पी थी। वह बहुत लगन से अभ्यास करता था। लेकिन उसके स्कूल के कोच सुसंथा फेलिक्स डियास ने उसे क्रिकेट खेलते हुए देखकर क्रिकेट टीम में शामिल कर लिया। उसके पास बल्ला या अन्य कोई सामान नहीं था। उसकी बहन ने कुछ पैसे उधार लेकर उसके लिए बल्ला खरीदा। यह उसका पहला क्रिकेट बल्ला था। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। वह अपने पिता, माता और भाई-बहनों से बहुत जुड़ा हुआ है। मुझे लगता है कि वह क्रिकेट से भी उसी तरह जुड़ा हुआ है।”भारत के खिलाफ टेस्ट मैच शुरू होने से कुछ दिन पहले दिनुशा ने प्रियांजन को फोन किया था। प्रियांजन ने कहा, “उसने कहा, ’सर, भारत के पास हर तरह के स्पिनर हैं। हमें अच्छी तैयारी करनी होगी।’ यही हमारी चर्चा का मुख्य बिंदु था। वह हर मैच से पहले मुझे फोन करता है।’’

दिनुशा की कड़ी मेहनत आखिर में रंग लाई और उन्होंने भारत के स्पिनरों रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार (सभी बाएं हाथ के स्पिनर) और सारांश जैन (ऑफ-स्पिनर) के खिलाफ स्वीप शॉट का शानदार नमूना पेश करते हुए उन्हें कुंद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

दिनुशा ने गॉल और कोलंबो टेस्ट मैचों में कुल 420 रन बनाए, जिनमें से 173 रन स्वीप शॉट से आए। इस तरह से उन्होंने किसी एक टेस्ट सीरीज में स्पिन के खिलाफ स्वीप शॉट खेलते हुए सबसे अधिक रन बनाने के मामले में जो रूट (160 रन) को पीछे छोड़ दिया।

यह 25 वर्षीय खिलाड़ी कड़ी मेहनत करने में विश्वास रखता है और यही वजह है कि प्रियांजन को दिनुशा की भारतीय स्पिनरों के खिलाफ मिली सफलता पर आश्चर्य नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “मैंने उसे पहली बार स्कूल क्रिकेटर के रूप में देखा था। तब वह 11 या 12 साल का था, लेकिन उस उम्र में भी क्रिकेट के प्रति उसका उत्साह और समर्पण सराहनीय था।”

उन्होंने कहा, “मैंने एक बार उससे कहा था कि स्पिनरों के खिलाफ सफल होने के लिए उन्हें स्वीप शॉट अच्छी तरह से खेलना आना चाहिए। इसके बाद से ही उसने लगभग दो घंटे नेट पर सिर्फ स्वीप शॉट का अभ्यास किया।’’

(भाषा)

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