इंदिरा नगर में की गई खोजबीन
दो बच्चों की मां है उषा खुशरो
बालाघाट/
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से लापता एक महिला के बालाघाट में होने की आशंका के चलते उसके परिजन मंगलवार को बालाघाट पहुंचे। कोतवाली पुलिस के सहयोग से नगर के वार्ड क्रमांक 24 स्थित इंदिरा नगर क्षेत्र में महिला की तलाश की गई।लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। हालांकि स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर यह सामने आया कि कुछ दिन पहले महिला ने इसी क्षेत्र में किराए का कमरा तलाशने का प्रयास किया था। ऐसे में उसके बालाघाट में ही कहीं होने की संभावना जताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के ग्राम कोदवा (गंडई) निवासी प्रहलाद सिंह खुशरो खेती किसानी करते हैं। उनकी पत्नी उषा खुशरो 31 वर्ष पिछले 21 जून से लापता हैं। दंपती के दो बच्चे हैं और परिवार में अन्य सदस्य भी हैं। उषा का मायका बेहयाटोला में है और वह समय समय पर वहां आती जाती थीं।बताया गया कि उषा पिछले कुछ समय से माइग्रेन की बीमारी से पीड़ित थीं और इलाज के लिए हर 15-20 दिन में दुर्ग जाती थीं। कई बार उनके पति या परिवार के अन्य सदस्य साथ जाते थे।जबकि कभी-कभी वह अकेले भी उपचार के लिए निकलती थीं। 21 जून को उषा इलाज कराने के लिए अकेले दुर्ग जाने घर से निकली थीं।लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटीं। काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चलने पर परिजनों ने संबंधित थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।इसी बीच खैरागढ़ पुलिस को 30 जून को बालाघाट डाकघर से भेजा गया एक रजिस्टर्ड पत्र प्राप्त हुआ।जो कथित रूप से उषा द्वारा लिखा गया था। पत्र में उल्लेख था कि वह मध्यप्रदेश के बालाघाट नगर के वार्ड क्रमांक 24 इंदिरा नगर में किराए के मकान में रह रही हैं। साथ ही यह भी लिखा गया था कि उनकी तलाश न की जाए और उनके संबंध में पति या पिता द्वारा किसी प्रकार की रिपोर्ट दर्ज न कराई जाए। यदि रिपोर्ट दर्ज हो तो उसे निरस्त माना जाए।11 जुलाई को खैरागढ़ पुलिस ने इस पत्र की जानकारी प्रहलाद सिंह को दी। इसके बाद 14 जुलाई को प्रहलाद सिंह अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ बालाघाट पहुंचे तथा कोतवाली पुलिस से संपर्क किया। पुलिस के सहयोग से इंदिरा नगर क्षेत्र में महिला की तलाश की गई।लेकिन सफलता नहीं मिली। हालांकि क्षेत्र के कुछ लोगों ने महिला की फोटो देखकर बताया कि कुछ दिन पहले वह यहां किराए का कमरा तलाशने आई थीं। इस आधार पर परिजनों को विश्वास है कि उषा बालाघाट या आसपास के क्षेत्र में ही हो सकती हैं।










































