त्योहारी सीजन को भारत में सिर्फ पूजा-पाठ और खुशियों का समय नहीं माना जाता, बल्कि इस दौरान लोग बड़ी खरीदारी भी करते हैं। विजयदशमी, धनतेरस, दिवाली, जैसे त्योहारों के दौरान घरों की जमकर खरीदारी होती है।Festive Property Deals: 11 अक्टूबर से नवरात्रि के साथ ही पूरे उत्तर भारत में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि के बाद दशहरा, करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ पूजा जैसे बड़े पर्व आएंगे। हिंदू मान्यताओं के अनुसार अगला डेढ़ महीना बेहद शुभ माना जाता है, यही वजह है कि इस दौरान लोग नए घर और दुकान की खरीदारी जमकर करते हैं।
एक अनुमान के मुताबिक, साल भर में होने वाली कुल प्रॉपर्टी डील्स में से करीब 25% अकेले इसी फेस्टिव सीजन के दौरान होती हैं। इस समय रियल एस्टेट डेवलपर्स और बैंक भी ग्राहकों को लुभाने के लिए बंपर डिस्काउंट, फ्लेक्सिबल पेमेंट प्लान और होम लोन पर खास ऑफर्स पेश करते हैं। आइए, दिग्गज रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स से समझते हैं कि इस त्योहारी सीजन में घर या कमर्शियल प्रॉपर्टी (दुकान) खरीदना आपके लिए बेस्ट डील क्यों साबित हो सकता है।
डेवलपर्स से लेकर बैंक छूट पाने का मौका
दिग्गज रियल एस्टेट एक्सपर्ट और अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी, राकेश यादव के मुताबिक, फेस्टिव सीजन में प्रॉपर्टी खरीदने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस दौरान खरीदारों को बैंक और डेवलपर्स, दोनों की तरफ से कई तरह के ऑफर मिलते हैं। बैंक होम लोन की ब्याज दरों में विशेष छूट देने के साथ प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज में राहत दे सकते हैं। वहीं, डेवलपर्स की तरफ से सीधे डिस्काउंट, आसान पेमेंट प्लान, नो-ईएमआई पीरियड, फ्री पार्किंग, इंटीरियर या मॉड्यूलर किचन जैसे ऑफर दिए जा सकते हैं। फेस्टिव सीजन में कई नए प्रोजेक्ट भी लॉन्च होते हैं, जहां शुरुआती कीमतों पर खरीदारी का मौका मिल सकता है। इसके अलावा, साल के अंत की डेडलाइन के कारण बिल्डर मोल-भाव के लिए भी अपेक्षाकृत ज्यादा तैयार रहते हैं। वहीं, नवरात्रि, धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों को पारंपरिक रूप से नई संपत्ति खरीदने और गृह प्रवेश के लिए शुभ माना जाता है, इसलिए इस अवधि में घर खरीदने के अलग मायने हैं।हालांकि, सिर्फ ऑफर देखकर प्रॉपर्टी खरीदने का फैसला नहीं करना चाहिए। कई बार बढ़ी हुई बेस प्राइस पर डिस्काउंट देकर ऑफर को आकर्षक दिखाया जा सकता है। इसलिए खरीदार को प्रॉपर्टी की वास्तविक कीमत, बिल्डर का पिछला रिकॉर्ड, प्रोजेक्ट की RERA मंजूरी, टाइटल और जरूरी कानूनी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। फेस्टिव सीजन में मिलने वाले ऑफर का फायदा तभी सही मायने में मिलेगा, जब प्रॉपर्टी की कीमत और कानूनी स्थिति दोनों खरीदार के हित में हों।
सिर्फ ऑफर को खरीदारी का पैमाना नहीं बनाएं
गंगा रियल्टी के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, विकास गर्ग के अनुसार, फेस्टिव सीजन में डेवलपर्स खरीदारों को आकर्षित करने के लिए सिर्फ कीमतों में छूट ही नहीं देते, बल्कि फ्री पार्किंग, क्लब मेंबरशिप, इंटीरियर अपग्रेड, गिफ्ट और आसान पेमेंट प्लान जैसे कई अतिरिक्त फायदे भी पेश करते हैं। डेवलपर्स त्योहारों के दौरान नए प्रोजेक्ट भी लॉन्च करते हैं। इनमें अर्ली-बर्ड ऑफर और कमर्शियल प्रॉपर्टी में एश्योर्ड रेंटल जैसे विकल्प ऑफर करते हैं। हालांकि, किसी भी ऑफर को सिर्फ उसकी चमक देखकर स्वीकार करने के बजाय खरीदार को प्रॉपर्टी की वास्तविक कीमत, सभी शर्तों और डेवलपर की विश्वसनीयता की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।







































