Bowler Craig Miles Announces Retirement: क्रिकेट में मानसिक स्वास्थ्य के कारण पहले भी खिलाड़ी खेल से किनारा करते देखे गए हैं और अब एक और शानदार क्रिकेटर ने 15 साल के बेहतरीन करियर के बाद ऐसा ही किया है।इंग्लैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज क्रेग माइल्स (Craig Miles) ने 32 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट से अचानक संन्यास की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही काउंटी क्रिकेट में सभी प्रारूपों को मिलाकर 500 से अधिक विकेट लेने वाले उनके 15 साल के शानदार करियर का समापन हो गया है।
2011 में 16 वर्ष की उम्र में अपना डेब्यू करने वाले ग्लूस्टरशायर के इस गेंदबाज़ ने एक भावुक संदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि लगातार मानसिक तनाव के कारण उन्होंने अपने मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।
मानसिक स्वास्थ्य बनी मुख्य वजह
ग्लूस्टरशायर के आधिकारिक चैनल पर जारी अपने बयान में माइल्स ने खुलासा किया कि खुद से तय किए गए ऊंचे मानकों को बनाए रखने का दबाव अब उनके लिए असहनीय हो गया था। उन्होंने बताया कि उच्च प्रदर्शन का दबाव और आत्म-समीक्षा लगातार मन में उठते सवालों और नकारात्मकता को बढ़ावा देती थी। खेल से जुड़ी स्वाभाविक अनिश्चितता के साथ मिलकर इन परिस्थितियों ने उनके खेल सफर को आगे बनाए रखना कठिन बना दिया।माइल्स ने लिखा कि जवानी की चाहत और महत्वाकांक्षा ने पहले उन्हें मुश्किल दौर से उबरने में मदद की थी, लेकिन अब उनमें खुद के तय मानकों के अनुसार ट्रेनिंग करने, खेलने और प्रदर्शन करने की क्षमता नहीं बची है।
15 साल का बेहतरीन रिकॉर्ड
शुरुआती पहचान: 2011 में महज 16 साल की उम्र में फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया और ग्लूस्टरशायर के इतिहास में चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बने।
500 विकेट का मील का पत्थर: सभी प्रारूपों को मिलाकर 500 से अधिक विकेट हासिल किए, जिसमें 29 से कम की औसत से 360 से अधिक फर्स्ट-क्लास विकेट शामिल हैं।
ट्रॉफी और अनुभव: सभी फॉर्मेट में 200 से अधिक मैच खेले और अपने करियर के दौरान काउंटी चैंपियनशिप व वनडे कप जीतने वाली टीमों का हिस्सा रहे।क्लब का समर्थन और भविष्य की दिशा
ग्लूस्टरशायर काउंटी क्रिकेट क्लब ने माइल्स के फैसले का पूरी तरह से समर्थन किया है और खेल से दूर होने के इस दौर में उन्हें हर संभव मदद देने का वादा किया है। माइल्स ने अपनी उपलब्धियों के प्रति गहरा आभार और गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि खेल से दूर होने का यह फैसला उन्हें अपने लंबे और प्रभावकारी करियर को सही मायने में सम्मान देने का मौका देता है। उनका यह निर्णय पेशेवर खेल की दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि क्रिकेट जगत में इससे पहले भी कई ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिनको मानसिक स्वास्थ्य के कारण अचानक क्रिकेट को छोड़ना पड़ा।










































