कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट की बड़ी बचत है। नौकरी बदलने के दौरान कई कर्मचारी अपना पुराना PF बैलेंस निकाल लेते हैं और मान लेते हैं कि अब पुराने PF खाते से जुड़ा कोई काम बाकी नहीं रह गया है। लेकिन अगर आपके खाते में EPS (Employees Pension Scheme) की सर्विस हिस्ट्री दर्ज है, तो इसे नजरअंदाज करना भविष्य में एक बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है।
EPF और EPS में क्या अंतर
दरअसल, EPF और EPS एक ही सोशल सिक्योरिटी सिस्टम का हिस्सा हैं, लेकिन दोनों का काम अलग है। EPF में जमा रकम और उस पर मिलने वाला ब्याज रिटायरमेंट कॉर्पस तैयार करता है, जबकि EPS में आपकी पेंशन योग्य सेवा अवधि का रिकॉर्ड रखा जाता है। आपकी योग्य सेवा जितनी लंबी होगी, भविष्य में पेंशन लाभ के लिए उतना ही फायदा हो सकता है।
PF निकालने के बाद क्यों जरूरी है EPS रिकॉर्ड?
अगर आपने नौकरी बदलने के बाद पुराना EPF बैलेंस निकाल लिया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी EPS सर्विस अपने आप नई नौकरी के रिकॉर्ड से जुड़ गई है। EPS में पेंशन के लिए कुल योग्य सेवा अवधि महत्वपूर्ण होती है। आम तौर पर मंथली पेंशन की पात्रता के लिए कम से कम 10 साल की योग्य सेवा जरूरी होती है। ऐसे में पुरानी नौकरी की सर्विस हिस्ट्री रिकॉर्ड में नहीं जुड़ी तो आपकी कुल सेवा अवधि कम दिखाई दे सकती है।अगर PF निकाल चुके हैं तो क्या होगा
अच्छी बात ये है कि अगर आप पीएफ निकाल चुके हैं तो भी EPS ट्रांसफर हो सकता है। इसके लिए EPFO मेंबर पोर्टल के जरिए Form 13 जमा कर पुरानी पेंशन योग्य सेवा को नए रिकॉर्ड से ट्रांसफर करवाया जा सकता है।
किन बातों का रखें ध्यान?
हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि EPS सर्विस ट्रांसफर में गलत व्यक्तिगत जानकारी, UAN या KYC डिटेल और पुराने नियोक्ता के रिकॉर्ड में गलत Date of Exit परेशानी पैदा कर सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी सभी जानकारी और नौकरी की तारीखों को जरूर जांच लें। अगर Date of Exit गलत है, तो पहले पुराने नियोक्ता से इसे ठीक कराने के लिए कहें। कुछ मामलों में EPFO पोर्टल पर खुद भी इसे अपडेट किया जा सकता है।
पोर्टल पर Exit Date ऐसे करें ठीक
जरूरी जानकारी दर्ज करने के बाद आधार आधारित OTP वेरिफिकेशन पूरा करें और रिक्वेस्ट सबमिट कर दें।
अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड की मदद से EPFO के आधिकारिक मेंबर पोर्टल पर लॉगिन करें।
लॉगिन करने के बाद होम पेज पर Manage टैब पर जाएं और Mark Exit विकल्प पर क्लिक करें।
नौकरी छोड़ने का सही कारण चुनें और अपनी आधिकारिक नौकरी के रिकॉर्ड और आखिरी PF योगदान वाले महीने के अनुसार Exit Date दर्ज करें।







































