जल शोधन संयंत्र की सफाई के चलते १०४ गांवों में दो दिनों से नल-जल आपूर्ति ठप,

0

पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय से लगभग १० किमी दूर ग्राम पंचायत जाम स्थित जल शोधन संयंत्र केंद्र (फिल्टर प्लांट) के किलेरी फायर (पानी एकत्रित करने के टांके) की साफ-सफाई के चलते क्षेत्र में भारी पेयजल संकट गहरा गया है। पिछले दो दिनों से लालबर्रा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ७७ ग्राम पंचायतों के १०४ गांवों में नल-जल योजना के तहत पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है, जिससे हजारों ग्रामीण पानी के लिए परेशान है। वहीं नल-जल योजना का पानी नल से न मिलने के कारण ग्रामीण दूर-दराज स्थित हैंडपंपों और कुओंं से पानी लाने को मजबूर हैं। पानी का संकट इतना गहरा है कि हैंडपंपों पर अत्यधिक दबाव होने के कारण अब उनसे दूषित और मटमैला पानी निकल रहा है। बरसात के इस मौसम में दूषित पानी के उपयोग से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है और जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। जबकि पीएचई विभाग को जाम स्थित जल शोधन संयंत्र केन्द्र की सफाई का काम शुरू करने से पहले क्षेत्र में पानी की नियमित आपूर्ति के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। बिना किसी पूर्व सूचना और तैयारी के सप्लाई बंद कर देने से पूरा क्षेत्र प्रभावित हुआ है। क्षेत्रीयजनों से पीएचई विभाग से जल शोधन संयंत्र केन्द्र (फिल्टर प्लांट) के किलेरी फासर) का तीव्र गति से सफाई कर जल्द जल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।

पंचायतों को खुद करनी होगी वैकल्पिक व्यवस्था, पांढरवानी ने पेश की मिसाल

आपकों बता दे कि लालबर्रा विकासखण्ड के ७७ ग्राम पंचायत के ग्रामीणजनों को छिंदलई वैनगंगा नदी का शुध्द पानी पहुंचाने की मंशा से शासन के द्वारा करोड़ों रूपयों की लागत से नल-जल योजना प्रारंभ की गई है और इस योजना के तहत छिंदलई वैनगंगा नदी का पानी जाम स्थित जल शोधन संयंत्र केन्द्र में पहुंचता है। जहां फिल्टर होने के बाद पाइपलाईन के माध्यम से ग्राम पंचायतों में बनाये गये पानी टंकी को भरने के बाद घर-घर किये गये नल कनेक्शन के माध्यम से ग्रामीणजनों को पानी प्रदाय किया जाता है। लेकिन कई बार इस नल-जल योजना में तकनीकी खराबी आने, पाईपलाईन क्षतिग्रस्त होने के कारण कुछ ग्राम पंचायतों के ग्रामीणजनों को जब से नल-जल योजना प्रारंभ की गई है उसके बाद से इस योजना का लाभ नही मिल पाया है। वहीं पीएचई विभाग के द्वारा दो दिनों से जाम स्थित जल शोधन संयंत्र केन्द्र के किलेरी फायर (पानी जमा करने के टांका) की सफाई कार्य करवाया जा रहा है। जिसके कारण दो दिनों से नल-जल योजना ठप हो चुकी है। जिससे क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है, इस तरह बरसात के दिनों में भी ग्रामीणजनों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वहीं इस संकट काल में ग्राम पंचायत पांढरवानी ने एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। मुख्य लाइन से पानी बंद होने के बाद पांढरवानी पंचायत ने अपनी स्वयं की स्थानीय नल-जल योजना चालू कर ग्रामीणों को पानी की टंकी के माध्यम से जल प्रदाय करना जारी रखा है। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों का मानना है कि इसी तर्ज पर विकासखंड की सभी ७७ पंचायतों के सरपंच और सचिवों को सजग होना चाहिए। यदि सभी पंचायतें मुख्य ग्रिड फेल होने की स्थिति में अपनी स्वयं की पुरानी या स्थानीय नल-जल योजना को वैकल्पिक बैकअप के रूप में तैयार रखें, तो ग्रामीणों को इस तरह की भीषण पानी की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

दूरभाष पर चर्चा में पीएचई विभाग के प्रभारी एसडीओं विजय तिवारी ने बताया कि जल शोधन संयंत्र केन्द्र स्थित किलेरी फायर की साफ-सफाई करवाई जा रही है। जिसका कार्य पूर्ण होने के बाद नियमित रूप से क्षेत्रीयजनोंं को नल-जल योजना का पानी प्रदाय किया जायेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here