नई दिल्ली: कई युवा डॉक्टरों के लिए एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री हासिल करना एक शानदार करियर की शुरुआत होती है। लेकिन एक 26 साल के युवा डॉक्टर के लिए हकीकत उम्मीद से बिल्कुल जुदा और बेहद जटिल रही है। पोस्ट ग्रेजुएशन की तैयारी करने के बजाय यह युवा डॉक्टर अपने परिवार को संभालने के लिए दिन-रात काम कर रहा है। इस युवा डॉक्टर पर मेडिकल लोन का बोझ और पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं। फाइनेंशियल एक्सपर्ट अंकुर वारिकू ( Ankur Warikoo ) ने इस युवा डॉक्टर से बात की तो उनका दिल भर आया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उसकी कहानी साझा की है, जो दिल झकझोर देने वाली है।सिर पर चढ़ा कर्ज का बोझ
वारिकू के अनुसार, यह युवा डॉक्टर फिलहाल एक अस्पताल में नाइट शिफ्ट करता है, जहां उसे 23000 रुपये प्रति माह मिलते हैं। लेकिन यह रकम परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं थी।
इस युवा के पिता को दो बार दिल का दौरा पड़ चुका है, जिसके इलाज के खर्च के लिए परिवार को भारी कर्ज लेना पड़ा। वहीं, उसके बड़े भाई की नौकरी भी अस्थिर है, जिससे घर का पूरा वित्तीय दबाव इस युवा डॉक्टर पर आ गया। वारिकू ने बताया कि डॉक्टर इस बात को लेकर भी खुद को दोषी महसूस करता है कि वह 26 साल का हो गया है और अब भी अपने परिवार की स्थिति सुधारने में बड़ा योगदान नहीं दे पा रहा है।










































