प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे। हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने उनका स्वागत किया। होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ पीएम मोदी का शानदार स्वागत कियाप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे हैं। ताशकंद हवाई अड्डे पर उतरते ही उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने खुद आगे बढ़कर उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। यह प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच लगातार गहरे होते रिश्तों को साफ दर्शाती है।
हवाई अड्डे से होटल पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी का सामना एक अद्भुत और सांस्कृतिक माहौल से हुआ। वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका इतने प्यार और उत्साह के साथ स्वागत किया कि माहौल एकदम उत्सव जैसा बन गया। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पल को साझा करते हुए लिखा कि ताशकंद में भारतीय प्रवासियों के इस अपार स्नेह से वे भावुक हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रवासी समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक मजबूत और जीवंत पुल की तरह काम कर रहा है।उज्बेकिस्तान का प्रसिद्ध ‘अंदिजान पोल्का’ नृत्य भी देखने को मिला
स्वागत समारोह के दौरान वहां एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। भारतीय कलाकारों ने जहां अपनी सधी हुई चालों से खूबसूरत ‘कथक’ नृत्य पेश किया, वहीं उज्बेकिस्तान का प्रसिद्ध ‘अंदिजान पोल्का’ नृत्य भी देखने को मिला। सबसे ज्यादा ध्यान खींचा उज्बेकिस्तान के छोटे-छोटे बच्चों ने, जिन्होंने पुराने मशहूर भारतीय गाने ‘उड़े जब-जब जुल्फें तेरी’ पर एक मनमोहक डांस पेश किया।’दोइरा’ और ‘चांग’ की दिखी गजब जुगलबंदी
इतना ही नहीं, संगीत की दुनिया का एक अनोखा रूप भी यहां देखने को मिला। भारत के पारंपरिक वाद्य यंत्र ‘तबले’ के साथ उज्बेकिस्तान के लोक वाद्य यंत्रों ‘दोइरा’ और ‘चांग’ की ऐसी जुगलबंदी पेश की गई कि वहां मौजूद हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। पीएम मोदी ने पूरे उत्साह के साथ इन कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया और कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
दो दिवसीय यात्रा पर उज्बेकिस्तान पहुंचे पीएम मोदी
अपनी इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना है। मध्य एशिया में भारत के बढ़ते प्रभाव और आपसी सहयोग के लिहाज से पीएम मोदी का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।









































