तेंदूपत्ता तोडऩे गये व्यक्ति पर बाघ का जानलेवा हमला, मौके पर ही दर्दनाक मौत

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पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। मध्यप्रदेश वन विकास निगम के लामता प्रोजेक्ट के अंतर्गत आने वाले चमरवाही बीट के कक्ष क्रमांक ४१८ में मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां तेंदूपत्ता तोडऩे जंगल गये ४३ वर्षीय व्यक्ति पर हिंसक वन्य प्राणी बाघ ने जानलेवा हमला कर दिया। बाघ के इस अचानक और घातक हमले में एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। वहीं मृतक की पहचान इंद्रकुमार पिता हीरेसिंह परते चमरवाही (आष्टा) के नाम से हुई है। पुलिस ने लालबर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है एवं मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सुबह-सुबह हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार चमरवाही (आष्टा) निवासी ४३ वर्षीय इंद्रकुमार परते रोज़ की तरह मंगलवार की सुबह क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों के साथ तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल गया हुआ था। सुबह करीब साढे सात बजे जब वह लामता प्रोजेक्ट वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक ४१८ में पत्तियां तोड़ रहा था, तभी झाडिय़ों में घात लगाकर बैठे बाघ ने उस पर अचानक हमला कर दिया। इंद्रकुमार को संभलने का मौका ही नहीं मिला और बाघ ने उसे अपना शिकार बना लिया। पास ही मौजूद अन्य ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ शव को छोडक़र जंगल की ओर भाग निकला। जिसके बाद वन विभाग एवं ग्रामीणजनों को घटना की सूचना दी गई। वहीं बाघ के हमले से तेंदुपत्ता तोडऩे गये व्यक्ति की मौत हो जाने की घटना की खबर जैसे ही आस-पास के गांवों में फैली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गये। वन विभाग की कथित लापरवाही और क्षेत्र में वन्य प्राणियों के बढ़ते मूवमेंट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फुट पड़ा। वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को उठाने से इंकार करते हुए धरना प्रदर्शन और आंदोलन शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि पीडि़त परिवार को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाये और क्षेत्र में ग्रामीणों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जाने एवं बाघ को पकडक़र सुरक्षित घने जंगल में जोडऩे की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान घटना स्थल में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा। वहीं वर्तमान में जंगल क्षेत्र में तेंदुपत्ता तोडऩे का कार्य वन विभाग के माध्यम से जारी है और जंगल से लगे ग्रामों के ग्रामीणजन सुबह के समय जंगल पहुंचकर तेंदुपत्ता तोड़ते है। लेकिन मंगलवार को तेंदुपत्ता तोडऩे गये एक व्यक्ति पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से ग्रामीणजन दहशत में है और तेंदुपत्ता तोडऩे का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। वहीं ग्रामीणजन डर के साये में अब तेंदुपत्ता तोडऩे जायेगें जिनके मन में हर समय यह डर बना रहेगा कि किसी भी से बाघ उन पर हमला कर सकता है। जिन्होने वन विभाग से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश से शांत हुआ मामला

बाघ के हमले से तेंदुपत्ता तोडऩे गये इन्द्रकुमार परते की जंगल में बाघ के हमले से मौत हो जाने की घटना के बाद ग्रामीणजनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया और मृत युवक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलवाने की मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन एवं चक्काजाम कर दिया। वहीं तनाव की स्थिति को देखते हुए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों से लंबी चर्चा की और शासन के नियमानुसार पीडि़त परिवार को त्वरित आर्थिक सहायता राशि (मुआवजा) दिलाने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों की काफी समझाइश और त्वरित कार्यवाही के भरोसे के बाद ग्रामीणजनों का आक्रोश शांत हुआ और धरना समाप्त किया। जिसके बाद शव को लालबर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया जहां चिकित्सक के द्वारा पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सुपुर्द कर दिया है। ४३ वर्षीय व्यक्ति की असमय मौत से परिवार और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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