तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरानी सेनाओं ने युद्ध के दौरान अमेरिका के F-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान की सेनाएं ऐसा करने वाले दुनिया के पहले सशस्त्र बल हैं। अराघची ने अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि ईरान युद्ध में अमेरिका के दर्जनों विमान नष्ट हुए या उन्हें नुकसान पहुंचा है। ईरानी विदेश मंत्री ने इसे उन दावों को पुष्टि करार दिया जिसे तेहरान लगातार कहता आ रहा है।
अमेरिकी कांग्रेस ने माना विमानों का नुकसान
13 मई को प्रकाशित अमेरिकी संसद की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका के करीब 42 सैन्य विमान या तो नष्ट हो गए या उन्हें नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 42 विमानों के नुकसान का आंकड़ा बढ़ भी सकता है क्योंकि कई मामलों की जानकारी अभी गोपनीय है और नुकसान की पुष्टि अलग-अलग सोर्स से की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इनमें स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट और स्पेशल ऑपरेशन प्लेन भी शामिल हैं।अराघची बोले- हमने पहली बार गिराया F-35
रिपोर्ट का हवाला देते हुए अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ईरान संघर्ष शुरू होने के कई महीने बाद, अमेरिकी कांग्रेस ने अरबों डॉलर की कीमत वाले दर्जनों विमान खोने की बात स्वीकार की है।” अराघची ने कहा कि इसने साबित कर दिया है कि “ईरान की शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं पहले ऐसे बल हैं जिसने बहुचर्चित F-35 को मार गिराया है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देने वाले अंदाज में आगे लिखा कि इस संघर्ष से जो सबक मिला है वो बताता है कि जंग में वापसी कई और चौंकाने वाली चीजें लेकर आएगी।एपिक फ्यूरी में अमेरिकी सेना को नुकसान
सीआरएस अमेरिकी संसद और उसकी समितियों को कानूनी और नीतिगत विश्लेषण देने वाली संस्था है। उसने यह आंकड़े अमेरिकी रक्षा विभाग और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयानों के अलावा मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किए हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान ये नुकसान झेला। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 40 दिन का अमेरिकी-इजराइली हवाई अभियान था, जो 28 फरवरी 2026 से ईरान के खिलाफ चला।
रिपोर्ट के अनुसार, 12 मई 2026 को हुई एक सुनवाई के दौरान, अध्यक्षीय पेंटागन नियंत्रक जूल्स डब्ल्यू. हर्स्ट III ने गवाही दी कि ईरान में सैन्य अभियानों के लिए विभाग का लागत अनुमान बढ़कर 29 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि पेंटागन ने अब तक कुल नुकसान का कोई आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।










































