मास्को: यूक्रेन युद्ध के बीच रूस ने अपने पड़ोसी बेलारूस के साथ मिलकर 3 दिन तक चलने वाला परमाणु सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इस अभ्यास में 200 रॉकेट लांचर, 140 एयरक्राफ्ट, 73 युद्धपोत, 65 हजार सैनिक सैनिक और 13 सबमरीन हिस्सा ले रही हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इस परमाणु अभ्यास में कुल 7800 टाइप के हथियार और सैन्य उपकरण शामिल किए जा रहे हैं। 19 मई से शुरू हुआ अभ्यास 21 मई तक चलेगा। इस अभ्यास से यूरोप के नाटो देश जहां दहशत में हैं, वहीं यूक्रेन ने बहुत तीखी प्रतिक्रिया जताई है। यह अभ्यास ऐसे समय पर हो रहा है जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन चीन के दौरे पर हैं जहां उन्होंने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किया है।
रूस ने परमाणु हमले का अभ्यास ऐसे समय पर किया है जब यूक्रेन ने रूस पर भीषण ड्रोन हमलों को तेज कर दिया है। यूक्रेन जंग के शुरू हुए 4 साल हो गए हैं और इस दौरान कई बार रूस ने अपने परमाणु हथियारों का प्रदर्शन किया है और उसके इस्तेमाल की धमकी दी है। यह परमाणु हमले का अभ्यास रूस और अमेरिका के बीच न्यूक्लियर आर्म्स पैक्ट के खत्म होने के कई महीने बाद हो रहा है। बुधवार को रूस ने एक वीडियो जारी करके दिखाया कि उसके सैनिक परमाणु बम को मोबाइल इस्कंदर एम लांच सिस्टम को दे रहे हैं।रूस और बेलारूस में हो रहा अभ्यास
रूसी सैनिक इसके बाद इस्कंदर मिसाइल को बिना पकड़ में आए लांच साइट पर ले जाते हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके सैनिकों ने परमाणु हथियार के इस्तेमाल के लिए खुद को सर्वोच्च स्तर पर तैयार किया। यह अभ्यास पूरे रूस और बेलारूस में अंजाम दिया जा रहा है। रूस का कहना है कि वह नाटो देशों से यूक्रेन के मुद्दे पर अस्तित्व के खतरे का सामना कर रहा है। नाटो के साथ चल रहे तनाव की वजह से रूस और यूरोपीय देशों के बीच जंग का खतरा बढ़ता जा रहा है।










































