Indian Oil अब पेट्रोल-डीजल के साथ बोतलबंद पानी भी बेचने की तैयारी कर रही है। कंपनी अपने 43,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों के नेटवर्क का इस्तेमाल करेगी। शुरुआत हाईवे पंपों से होगी, जहां 250ml, 500ml और 1 लीटर की बोतलें मिलेंगी।पेट्रोल-डीजल बेचने वाली सरकारी कंपनी Indian Oil अब एक नए कारोबार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी अपने पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल के साथ बोतलबंद पानी भी बेचने की योजना बना रही है। इसके लिए Indian Oil Corporation यानी IOC अपने देशभर में फैले 43,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों के नेटवर्क का इस्तेमाल करेगी। कंपनी अपने ब्रांड के तहत पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर बाजार में उतारना चाहती है। इसका मकसद पेट्रोल-डीजल के अलावा दूसरे कारोबार से कमाई बढ़ाना और पेट्रोल पंप पर ग्राहकों को जरूरत की दूसरी चीजें उपलब्ध कराना है।
कहां कहां मिलेगा Indian oil का पानी?
Indian Oil की यह योजना एक साथ पूरे देश में लागू नहीं होगी। इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। सबसे पहले हाईवे पर मौजूद Indian Oil के पेट्रोल पंपों पर बोतलबंद पानी की बिक्री शुरू करने की तैयारी है। कंपनी के कुल 43,603 आउटलेट्स में से 21,435 आउटलेट हाईवे पर हैं। Indian Oil का मानना है कि हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के बीच पीने के पानी की मांग ज्यादा होती है। इसलिए शुरुआत के लिए इन पेट्रोल पंपों को चुना गया है। इसके बाद योजना को शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों के फ्यूल स्टेशनों तक बढ़ाया जा सकता है।
कंपनी शुरुआत में 250 मिलीलीटर, 500 मिलीलीटर और 1 लीटर की पानी की बोतलें बाजार में उतारने की योजना बना रही है। इनमें 1 लीटर की बोतल को प्रमुख प्रोडक्ट के तौर पर रखा जाएगा। आगे चलकर Indian Oil सिर्फ सामान्य पैकेज्ड पानी तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी प्रीमियम वॉटर, नेचुरल मिनरल वॉटर, अल्कलाइन वॉटर और दूसरे हाइड्रेशन प्रोडक्ट्स भी बाजार में लाने की संभावनाएं तलाश रही है।इस कारोबार के लिए Indian Oil ने पार्टनर कंपनियों से आवेदन भी मांगे हैं। चुनी गई कंपनी पानी के उत्पादन, गुणवत्ता बनाए रखने, सप्लाई, लॉजिस्टिक्स और लॉन्च से जुड़े काम संभालेगी। यानी Indian Oil अपने ब्रांड और बड़े रिटेल नेटवर्क का इस्तेमाल करेगी, जबकि चयनित पार्टनर इस कारोबार के संचालन में अहम भूमिका निभाएगा। दोनों के बीच रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के तहत काम होने की योजना है।
क्या है इंडियन ऑयल का प्लान?
Indian Oil का यह कदम सिर्फ पानी बेचने तक सीमित नहीं है। कंपनी अपने मुख्य पेट्रोलियम कारोबार के अलावा दूसरे स्रोतों से होने वाली कमाई बढ़ाना चाहती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का लक्ष्य नॉन-फ्यूल कारोबार से होने वाले राजस्व को करीब 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 760 करोड़ रुपये तक ले जाना है। पेट्रोल पंपों का बड़ा नेटवर्क इस लक्ष्य को हासिल करने में कंपनी के लिए अहम भूमिका निभा सकता है।
हालांकि, बोतलबंद पानी के बाजार में Indian Oil को पहले से मौजूद मजबूत कंपनियों से मुकाबला करना होगा। Bisleri इस कारोबार का जाना-पहचाना नाम है। इसके अलावा Kinley, Aquafina और अन्य ब्रांड भी बाजार में मौजूद हैं। हाल के समय में Reliance की Campa ने भी पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर सेगमेंट में विस्तार किया है। ऐसे में Indian Oil की एंट्री से इस बाजार में प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है।
किसको होगा फायदा?
Indian Oil के लिए सबसे बड़ा फायदा उसका विशाल पेट्रोल पंप नेटवर्क हो सकता है। ग्राहक जब हाईवे पर सफर के दौरान पेट्रोल या डीजल भरवाने के लिए रुकेंगे, तो उसी जगह उन्हें पानी खरीदने की सुविधा भी मिल सकती है। खासकर लंबी दूरी के सफर में यह मॉडल कंपनी के लिए अतिरिक्त बिक्री का जरिया बन सकता है। हालांकि, पानी की कीमत, ब्रांड नाम और बिक्री शुरू होने की सटीक तारीख से जुड़ी अंतिम जानकारी कंपनी की आगे की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
इस तरह पेट्रोल-डीजल के कारोबार से पहचानी जाने वाली Indian Oil अब रोजमर्रा की जरूरत वाले FMCG बाजार में भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। अगर यह योजना सफल होती है, तो आने वाले समय में पेट्रोल पंप सिर्फ ईंधन भरवाने की जगह नहीं, बल्कि कई तरह के रोजमर्रा के प्रोडक्ट खरीदने का केंद्र भी बन सकते हैं।






































