फोल्डेबल फोन की स्क्रीन एक ही चीज से नहीं बनी होती। इसके अंदर कई पतली-पतली परतें होती हैं, और हर परत का अपना काम होता है। इनमें डिस्प्ले बनाने वाली परत, टच को पहचानने वाली परत और स्क्रीन को खरोंच से बचाने वाली परत शामिल होती हैं।दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन Google पर हर सेकंड कितनी सर्च होती है? हैरान कर देगा आंकड़ापिछले कुछ समय में स्मार्टफोन की टेक्नोलॉजी में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब स्मार्टफोन कंपनियां फोल्डेबल स्मार्टफोन्स पर फोकस कर रही हैं। टेक जायंट एप्पल भी अब फोल्डेबल फोन्स की दुनिया में कदम रख चुकी है और कंपनी ने अपना पहला फोल्डेबल फोन iPhone Duo भी लॉन्च कर दिया है। देखने में तो फोल्डेबल स्मार्टफोन्स काफी एडवांस लगते हैं और साथ ही फीचर्स के मामले में भी काफी आगे होते हैं। इनकी सबसे खास बात यह है कि इनकी स्क्रीन बार-बार मुड़ती है, फिर भी आसानी से टूटती नहीं है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा कैसे होता है?
आपने गौर किया होगा कि हमारे नॉर्मल स्मार्टफोन की स्क्रीन में जहां पर थोड़ा सा ज्यादा प्रेशर पड़ने पर वह टूट जाती है तो फिर फोल्डेबल स्मार्टफोन की स्क्रीन में ऐसा क्या खास होता है कि वह हजारों बार मुड़ने पर भी क्यों नहीं है। आइए आपको फोल्डेबल स्मार्टफोन की ड्यूरेबिलिटी और उसके काम करने के तरीके के बारे में बताते हैं। इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।
नॉर्मल फोन से कैसे अलग होती है स्क्रीन?
हमारे सामान्य स्मार्टफोन की स्क्रीन कांच की बनी होती है, जो काफी सख्त होती है। यह आसानी से मुड़ नहीं सकती। अगर हम इसे जबरदस्ती मोड़ने की कोशिश करेंगे, तो इसके टूटने की संभावना बहुत ज्यादा होगी। लेकिन फोल्डेबल स्मार्टफोन की स्क्रीन को इस तरह बनाया जाता है कि वह बिना टूटे मुड़ सके। इसमें खास तरह की लचीली स्क्रीन का इस्तेमाल होता है, जिसे फ्लेक्सिबल डिस्प्ले कहते हैं। यह सामान्य कांच की तरह सख्त नहीं होती, बल्कि जरूरत के हिसाब से मुड़ सकती है।इसे ऐसे समझिए, जैसे एक पतली प्लास्टिक की शीट को आप मोड़ सकते हैं, लेकिन मोटे कांच को नहीं। हालांकि, फोन की स्क्रीन सिर्फ प्लास्टिक की नहीं होती, बल्कि इसमें कई खास परतें होती हैं।
स्क्रीन में खास तरह की परतें होती हैं
फोल्डेबल फोन की स्क्रीन एक ही चीज से नहीं बनी होती। इसके अंदर कई पतली-पतली परतें होती हैं, और हर परत का अपना काम होता है। इनमें डिस्प्ले बनाने वाली परत, टच को पहचानने वाली परत और स्क्रीन को खरोंच से बचाने वाली परत शामिल होती हैं। इन सभी परतों को इस तरह तैयार किया जाता है कि वे स्क्रीन के मुड़ने पर एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाए रखें।
कुछ फोल्डेबल फोन में अल्ट्रा-थिन ग्लास यानी बेहद पतले खास कांच का इस्तेमाल भी होता है। यह सामान्य मोटे कांच की तुलना में ज्यादा आसानी से मुड़ सकता है। स्क्रीन के ऊपर लगी सुरक्षा वाली परत भी उसे रोजमर्रा के इस्तेमाल में सुरक्षित रखने में मदद करती है। यानी इसकी मजबूती का राज सिर्फ एक चीज नहीं, बल्कि कई खास परतों का सही तरीके से काम करना है।
फोन का हिंज भी बहुत जरूरी होता है
फोल्डेबल स्मार्टफोन में स्क्रीन के अलावा एक और खास चीज होती है, जिसे हिंज कहते हैं। यह वही हिस्सा है, जिसकी मदद से फोन खुलता और बंद होता है। आप इसे दरवाजे के कब्जे की तरह समझ सकते हैं। जैसे दरवाजे का कब्जा उसे आसानी से खुलने और बंद होने में मदद करता है, वैसे ही फोन का हिंज स्क्रीन को मोड़ने में मदद करता है। इस हिंज को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि स्क्रीन एक तय तरीके से मुड़े। इससे स्क्रीन पर किसी एक जगह बहुत ज्यादा दबाव पड़ने की संभावना कम हो जाती है।
कुछ फोल्डेबल फोन में हिंज का डिजाइन ऐसा होता है कि फोन बंद होने पर स्क्रीन का मुड़ने वाला हिस्सा ज्यादा गोल आकार ले सके। इससे स्क्रीन पर पड़ने वाला तनाव कम करने में मदद मिलती है। अगर हिंज का डिजाइन सही नहीं होगा, तो स्क्रीन पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है और समय के साथ उसमें खराबी आने का खतरा बढ़ सकता है।
हजारों बार मुड़ने पर भी खराब क्यों नहीं होती स्क्रीन?
इसका जवाब है सही डिजाइन और कई बार की गई टेस्टिंग। फोन बनाने वाली कंपनियां फोल्डेबल स्क्रीन को इस तरह डिजाइन करती हैं कि वह बार-बार मुड़ने का दबाव सह सके। फोन बाजार में आने से पहले उसकी स्क्रीन और हिंज की कई बार जांच की जाती है। मशीनों की मदद से फोन को बार-बार खोला और बंद किया जाता है, ताकि यह देखा जा सके कि लगातार इस्तेमाल करने पर उसमें कोई समस्या तो नहीं आ रही।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि स्क्रीन कभी खराब ही नहीं हो सकती। समय के साथ उसमें निशान पड़ सकते हैं, स्क्रीन पर लगी परत को नुकसान हो सकता है या हिंज में परेशानी आ सकती है। इसके अलावा, फोन को जोर से दबाने, नाखून से स्क्रीन पर दबाव डालने या किसी नुकीली चीज से छूने पर भी नुकसान हो सकता है।
क्या फोल्डेबल फोन की स्क्रीन कभी टूट सकती है?
हां, बिल्कुल टूट सकती है। फोल्डेबल फोन की स्क्रीन मजबूत और लचीली जरूर होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह पूरी तरह टूटने से सुरक्षित है। अगर फोन नीचे गिर जाए, स्क्रीन पर ज्यादा दबाव पड़े या उसके अंदर धूल और छोटे कण पहुंचकर नुकसान करें, तो स्क्रीन खराब हो सकती है। कुछ फोल्डेबल फोन में स्क्रीन के बीच में हल्की-सी लकीर भी दिखाई देती है। इसे क्रीज कहते हैं। यह स्क्रीन के मुड़ने वाले हिस्से पर बनती है। कई फोन में यह सामान्य बात है, लेकिन समय के साथ इसकी दिखावट बदल सकती है। इसलिए फोल्डेबल फोन को इस्तेमाल करते समय थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है।









































