बिना पद के शिक्षा विभाग ने बनाया संविदा शिक्षक, महज 5 हजार रूपए मिल रही तनखा,

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पदमेश न्यूज़, बालाघाट।सोमवार को संविदा शिक्षक वर्ग-3 में कार्य कर रहे संविदा शिक्षक, शिक्षा विभाग कार्यालय पहुंचे थे।जहां उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें संविदा शिक्षकों ने, अध्यापक या शिक्षक संवर्ग में संविलियन की मांग की।संघ से जुड़े पदाधिकारियो ने बताया कि शिक्षा विभाग में ऐसे 70 संविदा शिक्षक है, जिन्होंने 17 सालो तक कोर्ट में लड़ाई लड़ी। जिसके बाद शिक्षा विभाग में संविदा शिक्षक वर्ग का कोई पद नहीं होने के बावजूद शिक्षा विभाग ने उन्हें संविदा शिक्षक वर्ग-3 के पद पर रखा और उन्हें केवल 5 हजार रूपए प्रतिमाह तनखा दी जा रही है। संविदा शिक्षकों ने बताया कि महंगाई के इस दौर में 5 हजार रूपए में परिवार को चलाने की आर्थिक मजबूरी से परेशान है।

प्राथमिक शिक्षक बनाकर दिया जाए पूरा वेतनमान-रहांगडाले
ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान संविदा शिक्षक कन्हैया राहंगडाले ने बताया कि 17 साल कोर्ट में लड़ी गई लड़ाई के बाद जिले के 70 लोगों को शिक्षा विभाग में संविदा शिक्षक वर्ग-3 में नियुक्ति मिली है। जिसके लिए हमें, पांच हजार रूपए वेतन दिया जा रहा है। हम एक साल से इसी वेतन पर काम कर रहे है। जबकि हमसे पूरा काम नियमित शिक्षक के रूप में लिया जा रहा है। जो साथी 80 से 100 किलोमीटर दूर जाकर ड्यूटी कर रहे है, उनका जीवन चलाना दुश्वार हो गया है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग में संविदा शाला शिक्षक की कोई पोस्ट नहीं है, लेकिन हमें उसी पोस्ट पर नियुक्ति दी गई हैं। जबकि कोर्ट का आदेश है कि हमें अध्यापक या शिक्षक में रूप में नियुक्त किया जाए और उनकी तरह पूरा वेतन प्रदान किया जाए। सुप्रीम कोर्ट में लड़ी गई लड़ाई को जीतने वाली हमारी साथी स्मिता श्रीवास्तव को शिक्षक संवर्ग में शामिल कर उसे प्राथमिक शिक्षक बना दिया गया है और उसी आदेश के तहत हमारी नियुक्ति हुई थी लेकिन हमें लाभ देने से वंचित किया जा रहा है, जिसके कारण हमें मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हमारी मांग है कि हमें भी अध्यापक या शिक्षक संवर्ग में शामिल कर हमें प्राथमिक शिक्षक बनाकर पूरा वेतनमान दिया जाए।

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