मऊगंज। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार जिस ‘सीएम हेल्पलाइन 181’ को पीड़ित जनता की आखिरी उम्मीद और भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार मानती है, मऊगंज पुलिस के एक शातिर सिंडिकेट ने उसे अपनी रेटिंग चमकाने का ‘टूल’ बना दिया। मऊगंज पुलिस के इस काले कारनामे का भंडाफोड़ होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
इंसाफ देने के बजाय खुद ही फर्जी शिकायतकर्ता बन बैठा था
मऊगंज पुलिस का यह सिंडिकेट जनता को इंसाफ देने के बजाय खुद ही फर्जी शिकायतकर्ता बन बैठा था। आला अधिकारियों की नजरों में कागजी छवि चमकाने के लिए पिछले कुछ महीनों में महज 21 मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके 233 फर्जी शिकायतें दर्ज करा दी गईं।










































