महाराजपुर में जल जीवन मिशन के दावों की निकली हवा,टंकी और पाइपलाइन तैयार फि र भी ग्रामीण प्यासे

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। शासन की हर घर जल योजना का दावा जमीनी हकीकत में दम तोड़ता नजर आ रहा है। वारासिवनी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगरगांव अंतर्गत ग्राम महाराजपुर में भीषण जल संकट ने दस्तक दे दी है। एक तरफ जहां प्राकृतिक जल स्रोत जवाब दे चुके हैं वहीं दूसरी ओर करोड़ों की लागत से स्वीकृत नल जल योजना ठेकेदार और विभाग की लापरवाही के कारण अधूरी पड़ी है। आलम यह है कि नल जल योजना का ढांचा खड़ा होने के बावजूद लोगों को बूंद बूंद पानी के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों को चिलचिलाती धूप में आधा किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ रहा है।

सूखे कुएं और हांफते हैंडपंप खौफनाक हुई स्थिति

महाराजपुर में जल स्तर इस कदर गिर चुका है कि गांव के अधिकांश कुएं सूख चुके हैं। कई कुओं में तो अब पानी की जगह सिर्फ चट्टानें दिखाई दे रही हैं। जो थोडे.बहुत कुएं बचे हैं उनका पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। गांव के हैंडपंपों की स्थिति भी बदतर है वे बहुत कम पानी उगल रहे हैं और आए दिन तकनीकी खराबी के कारण बंद हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पर्याप्त पानी नही मिलने के कारण वे अपने दैनिक कार्यों को जैसे तैसे संचालित कर रहे हैं।

दिखावा साबित हो रही अधूरी नल जल योजना

जल जीवन मिशन के तहत महाराजपुर में नल जल योजना को स्वीकृति मिली थी। कुछ समय पहले तक काम में तेजी भी दिखी पानी टंकी बन गई संप टैंक तैयार हो गया और गांव की गलियों में पाइपलाइन भी बिछा दी गई। यहाँ तक कि घरों के बाहर कनेक्शन भी निकाल दिए गए हैं। लेकिन यह सारी कवायद सिर्फ दिखावा साबित हो रही है। महीनों से काम बंद पड़ा है जिससे बिछाई गई पाइपलाइन अब तक सूखी है और ग्रामीणों की उम्मीदें भी अब टूटने लगी हैं। शासन की यह महत्वपूर्ण योजना फि लहाल एक शो.पीस बनकर रह गई है।

ग्रामीणों में गहरा आक्रोश शीघ्र आपूर्ति की कर रहे मांग

जैसे जैसे गर्मी बढ़ रही है ग्रामीणों की चिंताएं गहराती जा रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते योजना चालू नहीं हुई तो आगामी दिनों में स्थिति विस्फोटक हो जाएगी। पानी के लिए दर दर भटक रहे रहवासियों के बीच प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने शासन और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि अधूरी पड़ी नल जल योजना को तत्काल प्रभाव से पूर्ण कर चालू किया जाए। सरकारी फ ाइलों में पूर्ण दिखने वाली योजनाएं जब धरातल पर अधूरी रह जाती हैं तो महाराजपुर जैसे संकट खड़े होते हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्यास को बुझाने के लिए कितनी तत्परता दिखाता है।

अभी तक यह पानी की टंकी चालू हो जाना था-उमाशंकर भोयर

ग्रामीण उमाशंकर भोयर ने बताया की नल जल की योजना में टंकी बनी फि र ठेकेदार गायब है। दो बार इसकी शिकायत भी हमने की है कोई निराकरण नहीं हुआ। इन्होंने टंकी बनाकर पाइपलाइन डाल दी है बाकी कोई काम नहीं किया है। पिछले वर्ष यह टंकी बनी थी इस वर्ष चालू हो जाती पर काम बंद है। अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है हमारे यहां पानी की समस्या है। पानी के सभी कुएं सूख गए हैं अभी हैंडपंप हमारे एक है उस पर २०० लोग आश्रित है। वह भी काम ज्यादा करके व्यवस्था कर रहे हैं खराब होने पर सरपंच को बोले थे तो उन्होंने अभी उसमें पाइप डलवाए हैं तो हैंडपंप चालू है। जबकि अभी तक यह पानी की टंकी चालू हो जाना था।

ग्रामीणजन ५०० मीटर की दुरी से ला रहे पानी -विशाल बिसेन

ग्रामीण विशाल बिसेन ने बताया की २ वर्ष से नल जल योजना बना रहे है पाइप लाईन घरों के सामने लग गए हैं परंतु वह पानी नहीं उगल रहे। ५० प्रतिशत योजना का काम हुआ है अभी हम ५०० मीटर से पानी ला रहे हैं। एक हैंडपंप है तो समझ सकते हैं कि पानी की क्या समस्या है पर्याप्त किसी को नहीं मिलता। भूमिगत जल स्तर लगातार घट रहा है महीने के अंत में हैंडपंप में समस्या आ जाएगी। कुएं तो पूरे सूख चुके हैं पीने के लिए हमें पर्याप्त पानी मिल रहा है निस्तार की समस्या है लोग दिनभर पानी भरते हैं।

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