Cyclone Arnab: चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग नेअत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। करवा चौथ के दिन बारिश और बादलों के कारण चांद के दर्शन में खलल पड़ सकता है।भोपाल: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ का असर अब मध्य प्रदेश के मौसम पर पूरी तरह से हावी हो गया है। बुधवार को आधे राज्य में मौसम का मिजाज बदला रहा और सतना, कटनी तथा छतरपुर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। चक्रवात का यह असर गुरुवार को और अधिक तीव्र होने की संभावना है, जो कि संयोग से करवा चौथ का दिन भी है। हालांकि, 29 अक्टूबर को जारी भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र के उपखंडीय पूर्वानुमान में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, दोनों के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। ऐसे में राज्य के सभी जिलों में भारी बारिश या चांद नहीं दिखने की आशंका जताना फिलहाल सही नहीं होगा।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
IMD के अनुसार, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जहां अगले 24 घंटों के दौरान 4 इंच या उससे अधिक पानी गिर सकता है।भोपाल-ग्वालियर से लेकर अन्य जिलों का हाल
- हल्की बारिश और बौछारें: गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्ना, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्के बादल, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश का असर रहेगा।
- यहां साफ रहेगा मौसम: नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में गुरुवार को धूप खिली रहेगी और यहां कोई आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है।
तापमान में गिरावट और ठंड की दस्तक
राज्य में रात के समय ठंड का असर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले पखवाड़े में न्यूनतम तापमान शाजापुर के गिरवार में 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पचमढ़ी में 15.2 डिग्री, धार में 15.4 डिग्री, आगर-मालवा में 15.9 डिग्री और नीमच के मारुखेड़ा व छतरपुर के नौगांव में 16 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज हुआ। तेज हवाओं और बारिश के कारण दिन के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की गिरावट आई है।इस साल मानसून के आंकड़े
राज्य से 3 अक्टूबर को ही दक्षिण-पश्चिम मानसून विदा हो चुका है, लेकिन सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते बारिश का दौर थमा नहीं है। इस साल मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान राज्य में कुल 908.4 मिमी (35.8 इंच) यानी सामान्य से 4% कम (95.9%) बारिश दर्ज की गई। पूर्वी हिस्सों में सामान्य से 4% अधिक पानी गिरा, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश दर्ज हुई। जून महीने में 14% कम बारिश होने के कारण कुल औसत आंकड़ा थोड़ा प्रभावित हुआ है, हालांकि भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में अक्टूबर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स बताते हैं कि इस महीने में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों के ही अलग-अलग मिजाज देखने को मिलते रहे हैं।










































