- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आज यानी शुक्रवार 17 अप्रैल को महिला आरक्षण बिल और परिसीमन के मुद्दे पर अपनी बात रखी। लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने साफ कहा कि जिस बिल पर यहां चर्चा हो रही है, वह महिला आरक्षण बिल नहीं है। इससे महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं होगा।
- राहुल गांधी ने आज लोकसभा में कहा कि पहला सच तो ये है कि यह महिला बिल है ही नहीं। इसका महिलाओं से कोई लेना देना नहीं है। साल 2023 में इसी सदन में महिला आरक्षण बिल पास किया गया था। राहुल गांधी ने कहा, ‘भाजपा में मेरे दोस्त और शिक्षकों ने बताया कि यह बिल 10 साल में लागू होगा। वो महिला बिल था।’
- इलेक्टोरल मैप बदलने की कोशिश हो रही
- राहुल गांधी ने 2023 में पास हुए महिला आरक्षण बिल को असली महिला बिल बताते हुए कहा कि आज जिस बिल पर चर्चा हो रही है, वह देश के इलेक्टोरल मैप को बदलने की कोशिश है। जिसे महिला बिल के बहाने और उन्हें सामने रखकर किया जा रहा है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताया और कहा कि महिला आरक्षण देना आसान है।
- जब राहुल गांधी ने अपने बचपन की कहानी सुनाई
- अपनी बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सच्चाई तो यह महिलाओं के लिए लाया गया बिल नहीं है, बल्कि देश के इलेक्टोरल मैप को बदलने की कोशिश है। अपनी बात को रखने के लिए उन्होंने अपने बचपन की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि जब वह छोटे थे तो उन्हें अंधेरे से डर लगता था। उनके बंगले के बगीचे में काफी अंधेरा रहता था और वह रात को बगीचे में जाने से बचते थे।










































