स्कूल से घर लौट रही नाबालिग छात्रा से दुष्कर्मदानियल को 10 साल कठोर कारावास और 10 हजार का अर्थदंड

0

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश गौतम सिंह मरकाम की अदालत ने चरेगांव पुलिस चौकी क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी दानियल पिता प्रेमलाल मंडावी, 40 वर्ष ग्राम दुरेंदा चौकी चरेगांव, थाना लामता निवासी को 10 वर्ष कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।अदालत ने अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने के आदेश भी पारित किए हैं।

स्कूल से घर जा रही थी छात्र

अभियोजन के अनुसार पीड़िता चरेगांव स्कूल में कक्षा 9 की छात्रा थी और साइकिल से स्कूल आना-जाना करती थी। 26 अगस्त 2023 की शाम करीब 4:30 बजे स्कूल की छुट्टी के बाद वह साइकिल से घर लौट रही थी। बंजारी माता मंदिर के पास उसकी साइकिल की चेन उतर गई। चेन ठीक करते समय आरोपी दानियल वहां पहुंचा और बातचीत के बाद उसे जबरदस्ती रैयतवाड़ी के जंगल में ले गया। वहां उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। लड़की के चिल्लाने पर भी कोई मदद को नहीं आया। घटना के बाद आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
घर पहुंचकर पीड़िता ने परिजनों को घटना बताई। इसके बाद वह लामता थाना पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस कार्रवाई और कोर्ट में सुनवाई

लामता पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ धारा 376 भादवी और धारा 3/4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत एफआईआर दर्ज की। जांच के बाद आरोपी दानियल को गिरफ्तार कर लिया गया। विवेचना पूरी कर अभियोग पत्र विशेष न्यायालय में पेश किया गया।मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश गौतम सिंह मरकाम की अदालत में चली। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक कपिल कुमार डहेरिया ने प्रभावी पैरवी की। उपलब्ध साक्ष्य और परिस्थितियों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।न्यायालय ने आरोपी दानियल को धारा 376 भादवी के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि पीड़िता को प्रतिकर स्वरूप देने के आदेश दिए गए। आरोपी दानियल 1 सितंबर 2023 से अब तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here