कुछ समय पहले सरकार की तरफ से स्मार्टफोन मेकर कंपनियों से बायोमेट्रिक पहचान ऐप Aadhaar के प्री इंस्टालेशन की बात कही थी लेकिन, अब इस मामले में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक अब सरकार ने उस प्रस्ताव पर आगे न बढ़ने का फैसला लिया है। बता दें कि इस फैसले को लेकर Apple, Samsung जैसी बड़ी स्मार्टफोन मेकर कंपनियों की तरफ से विरोध जताया गया था।
1.34 लोग आधार से हैं जुड़े
आपको बता दें कि आधार कार्ड आज के समय में एक जरूरी डॉक्यमेंट बन चुका है और आईडी प्रूफ के तौर पर इसका ज्यादातर जगहों पर इस्तेमाल होता है। इसमें 12 डिजिट का एक यूनिक कोड होता है जो किसी व्यक्ति के फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन से जुड़ा होता है। इस समय देश के करीब 1.34 अरब लोग आधार से जुड़े हैं और बैंकिंग से लेकर टेलीकॉम जैसी जरूरी सर्विस के लिए पहचान पत्र के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। सरकार के इस फैसले को लेकर लोगों के बीच में डाटा प्राइवेसी को लेकर भी बड़ा सवाल उठ रहा था।
रायटर्स की तरफ से शेयर की गई जानकारी के मुकाबिक UIDAI ने जनवरी के महीने IT मंत्रालय से कहा था कि वह Apple, Samsung और दूसरी प्रमुख स्मार्टफोन मेकर कंपनी से संपर्क करे ताकि आधार ऐप को पहले से ही इंस्टाल करने पर विचार किया जा सके।
आधार ऐप का प्री इंस्टालेश अनिवार्य नहीं
UIDAI ने शुक्रवार को रॉयटर्स को दिए एक बयान में कहा कि भारत के IT मंत्रालय ने इस प्रस्ताव की समीक्षा की है और वह स्मार्टफोन पर आधार ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य बनाने के पक्ष में नहीं है।” फिलहाल बयान में इस फैसले का कोई कारण नहीं बताया गया है। UIDAI ने अपने बयान में कहा कि IT मंत्रालय ने आधार प्रीलोडिंग के प्रस्ताव को रद्द करने का फैसला लेने से पहले “इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के स्टेकहोल्डर्स के साथ परामर्श” किया था।













































